कोटा। शहर में शुरू की गई PM e-Bus Sewa की एसी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अनंतपुरा से चलने वाली एक ई-बस का वीडियो सामने आया है, जिसमें बस में एक भी यात्री नजर नहीं आ रहा है। वीडियो में बस चालक का कहना है कि एक ही रूट पर दो-दो बसें भेज दी जाती हैं, लेकिन पर्याप्त सवारियां नहीं मिलतीं। ऐसे में बसों के खाली चलने से संचालन का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
रूट और टाइम-टेबल की जानकारी पर उठे सवाल
वीडियो के साथ सामने आई जानकारी के अनुसार, शहरवासियों का कहना है कि ई-बसों के रूट, समय-सारणी और स्टॉपेज की पर्याप्त जानकारी लोगों तक नहीं पहुंच पाई है। इसके चलते कई लोग अब भी ऑटो और निजी वाहनों से सफर कर रहे हैं।
ई-बस सेवा का उद्देश्य शहर में सार्वजनिक परिवहन को सुविधाजनक बनाना और लोगों को एसी इलेक्ट्रिक बसों के जरिए यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराना है। लेकिन यात्रियों की संख्या कम रहने की स्थिति में बसों के रूट और समय-सारणी की समीक्षा की जरूरत महसूस की जा रही है।
रूट सर्वे और जन-जागरूकता की मांग
स्थानीय स्तर पर मांग उठाई जा रही है कि ई-बसों के रूट का दोबारा सर्वे कराया जाए। प्रमुख चौराहों और बस स्टॉप पर टाइम-टेबल लगाया जाए, ताकि यात्रियों को बसों के आने-जाने का समय और उपलब्ध रूट की जानकारी मिल सके। साथ ही, लोगों को इस सेवा के बारे में जागरूक करने के प्रयास भी किए जाएं।
यदि रूट, समय-सारणी और स्टॉपेज को यात्रियों की जरूरतों के अनुरूप व्यवस्थित किया जाता है, तो सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि, बसों में कम यात्रियों की स्थिति कितने रूटों पर है और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या हैं, इसकी पुष्टि के लिए आधिकारिक आंकड़ों और विस्तृत रूट सर्वे की जरूरत होगी।
