चित्तौड़गढ़ . चित्तौड़गढ़ के एक निजी अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के दौरान महिला के पेट में ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाला कपड़ा (मोप) छोड़ने का गंभीर मामला सामने आया है। प्रसव के करीब 10 दिन बाद महिला को तेज पेट दर्द, बुखार और संक्रमण की शिकायत हुई। अहमदाबाद के अस्पताल में जांच के दौरान पेट में मोप मिलने पर ऑपरेशन कर उसे बाहर निकाला गया। परिजनों का आरोप है कि इस लापरवाही से महिला के शरीर में गंभीर संक्रमण फैल गया, बड़ी आंत फट गई और लिवर भी प्रभावित हुआ। इलाज पर करीब 15 लाख रुपए खर्च हुए तथा नवजात को लंबे समय तक मां का दूध भी नहीं मिल सका। कलेक्टर डॉ. मंजू ने मामले की जांच के लिए मेडिकल टीम गठित कर दी है। जांच में डॉक्टरों या अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
