कहीं सीधा मुकाबला तो कहीं कई प्रत्याशियों के बीच चुनावी जंग
नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा
आज मतदाता यानी हमारा सबसे महत्वपूर्ण दिन है। कोटा जिले की 5 नगर पालिकाओं में मतदाता शहर की सरकार चुनने के लिए वोट डालेंगे। रामगंजमंडी, सुकेत, सांगोद, इटावा और सुल्तानपुर में होने वाले मतदान के साथ कोटा जिले के नगरीय निकाय चुनाव का पहला चरण शुरू होगा। कहीं भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने हैं तो कहीं निर्दलीय और अन्य प्रत्याशियों की मौजूदगी ने मुकाबले को बहुकोणीय बनाया हुआ है।
इस बार चुनावी तस्वीर खुद में बहुत तिलिस्म लिए हुए है। पांचों निकायों के हर वार्ड का चुनावी स्वरूप अलग है। कहीं मुकाबला दो प्रमुख दलों के बीच सीमित है, कहींतीसरा प्रत्याशी समीकरण में है और कुछ वार्डों में चार या उससे अधिक उम्मीदवार मतदाताओं के सामने हैं। इन चुनावों में राजनीतिक दलों के व्यापक मुद्दों के साथ सड़क, पानी, सफाई, नाली, सीवरेज, अतिक्रमण और स्थानीय नागरिक सुविधाएं भी मतदाताओं के सामने हैं। दूसरे चरण में कोटा शहर में 11 सितंबर को मतदान होगा, जहां 100 वार्डों में 373 प्रत्याशी मैदान में हैं। पूरे जिले के इन 6 निकायों में कुल 260 वार्डों के लिए 930 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। हालांकि एक वार्ड में प्रत्याशी निर्विरोध चुने जाने के कारण 259 वार्डों में ही मतदान होगा। आज पांच नगर पालिकाओं के मतदाता अपना फैसला ईवीएम में दर्ज करेंगे। 14 सितंबर को मतगणना होगी और तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। आज का दिन प्रत्याशियों के दावों का नहीं, मतदाता के फैसले का है।
कोटा शहर : 100 में से 22 वार्डों में भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
कोटा नगर निगम के 100 वार्डों में मतदान 11 सितंबर को होगा। यहां 373 प्रत्याशीचुनाव मैदान में हैं। कोटा के चुनाव की महत्वपूर्ण विशेषतायह है कि भाजपा और कांग्रेसके बीच सीधा मुकाबलासभी वार्डोंमें नहीं है। 22 वार्डोंमें दोनों दलों के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। इसके अलावा कई वार्डोंमें निर्दलीयऔर अन्य प्रत्याशी मुकाबलेका हिस्सा हैं। पार्टी प्रत्याशियों के साथ बागी उम्मीदवार भी मैदान में हैं। भाजपा से जुड़े 13 बागी प्रत्याशीऔर कांग्रेसके 5 बागी प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इनके अलावा अन्य निर्दलीय उम्मीदवारभी अलग-अलग वार्डोंमें मतदाताओंके सामने हैं। इससे कई वार्डोंमें मुकाबलादो प्रत्याशियों तक सीमित नहीं है। कोटा नगर निगम का चुनाव इस बार बदले हुए ढांचे में हो रहा है। पहले शहर में कोटा उत्तर और कोटा दक्षिण दो नगर निगम थे। अब एक नगर निगम में 100 वार्ड हैं। इसलिए पुराने चुनाव के आंकड़ोंको इस बार के नए वार्डोंपर सीधे लागू करना संभव नहीं है। नए परिसीमन, वार्ड सीमाओं और आरक्षण के बीच मतदाता अपने-अपने वार्ड से पार्षद चुनेंगे।कोटा शहर में चुनावी चर्चा का एक बड़ा हिस्सा स्थानीयनागरिक सुविधाओंसे जुड़ा है। पुराने शहर और विस्तार वाले क्षेत्रों की समस्याएं एक जैसी नहीं हैं। कहीं सड़क और नाली का सवाल है तो कहीं पेयजल, सीवरेज, सफाई, अतिक्रमण, यातायात और पार्किंग जैसे मुद्दे चर्चा में हैं। ऐसे में 100 वार्डों के चुनाव को किसी एक मुद्दे या एक ही राजनीतिक समीकरण से देखना पूरी तस्वीर नहीं होगी।
6 निकायों के 260 वार्डों में कुल 9.33 लाख मतदाता
नगर निकाय वार्ड पुरुष महिला थर्ड जेंडर कुल मतदाता
कोटा नगर निगम 100 4,17,704 4,05,548 33 8,23,285
इटावा 35 10,202 9,609 0 19,811
सांगोद 35 11,692 11,180 0 22,872
सुल्तानपुर 25 10,251 10,045 0 20,296
सुकेत 25 8,889 8,611 3 17,503
रामगंजमंडी 40 15,258 14,305 1 29,564
कुल 260 4,73,996 4,59,298 37 9,33,331
930
प्रत्याशी चुनावी मैदान में आजमा रहे अपना भाग्य
02
नगर पालिका सुकेत और सुल्तानपुरमें पहली बार चुनाव
8.23 लाख मतदाता कोटा नगर निगम के 100 वार्डों में
| 4.74 |
लाख पुरुष मतदाता है 6 नगर निकायों में
| 4.59 |
लाख महिला मतदाता है कुल
3.23 लाख मतदाता 18–35 वर्ष आयु वर्ग के 39.25% कुल मतदाताओं में 18–35 वर्ष आयु वर्ग की हिस्सेदारी
जिले की पांच पालिकाओं की तस्वीर
मगंजमंडी : 1 निर्विरोध, 39 में मुकाबला
रामगंजमंडी नगरपालिका के 40 वार्डों में से एक में निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। अब 39 वार्डों में 119 प्रत्याशी मतदाताओं के सामने हैं। इनमें 41 निर्दलीय प्रत्याशी हैं। 13 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है, जबकि 14 वार्डों में तीन प्रत्याशी आमने-सामने हैं। बाकी वार्डों में चार या उससे अधिक प्रत्याशी मैदान में हैं। इस तरह रामगंजमंडी में वार्डवार मुकाबले का स्वरूप अलग-अलग है। कहीं दो प्रमुख दलों के प्रत्याशी आमने-सामने हैं तो कहीं निर्दलीय उम्मीदवार भी मुकाबले का हिस्सा हैं।
सुल्तानपुर : 25 वार्ड, 96 प्रत्याशी
सुल्तानपुर नगरपालिकाके 25 वार्डोंमें 96 प्रत्याशीचुनाव मैदान में हैं। इनमें भाजपा और कांग्रेसके 50 प्रत्याशी, आरएलपी के 3 और 43 निर्दलीयप्रत्याशी शामिल हैं। वार्ड 11, 13, 15, 23 और 24 में भाजपा-कांग्रेसके बीच सीधा मुकाबलाहै। शेष वार्डों में अन्य प्रत्याशियों की मौजूदगीहै। वार्ड 21 में सबसे अधिक निर्दलीयप्रत्याशी मैदान में हैं।
इटावा : 35 वार्ड, 145 प्रत्याशी
इटावा नगरपालिका के 35 वार्डों में 145 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। यानी औसतन चार से अधिक प्रत्याशी हर वार्ड में हैं। यहां कुल 19,859 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें 10,240 पुरुष और 9,619 महिला मतदाता हैं। वार्डवार मतदाताओं की संख्या में भी अंतर है। वार्ड 29 में 900 से अधिक मतदाता हैं, जबकिवार्ड 1 में सबसे कम 236 मतदाता पंजीकृत हैं। ऐसे में यहां भी हर वार्ड की चुनावी स्थिति उसके मतदाता आधार और मैदान में मौजूद प्रत्याशियों के अनुसार अलग है।
सांगोद : 35 वार्ड, 28 निर्दलीय
सांगोद के 35 वार्डों में 97 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। भाजपा के सभी 35 वार्डों में प्रत्याशी हैं, जबकि कांग्रेस के 34 प्रत्याशी मैदान में हैं। एक वार्ड में कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज हो गया। सांगोद में 28 निर्दलीय भी चुनाव लड़ रहे हैं। यहां 9 वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबला है। वार्ड 32 में सबसे अधिक पांच प्रत्याशी मैदान में हैं। यानी सांगोद में भी सभी वार्डों की चुनावी तस्वीर एक जैसी नहीं है।
सुकेत : 25 वार्ड, 100 प्रत्याशी
सुकेत के 25 वार्डों में 100 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। भाजपा और कांग्रेस ने सभी 25-25 वार्डों में प्रत्याशी उतारे हैं, जबकि 50 निर्दलीय लड़ रहे हैं। निर्दलीयों की संख्या भाजपा या कांग्रेस की संख्या के बराबर नहीं, बल्कि दोनों में से किसी एक दल के प्रत्याशियों से दोगुनी है। मतदाताओं के सामने बड़ी संख्या में स्थानीय उम्मीदवार भी विकल्प के रूप में हैं।
