बूंदी। प्रसूति नियोजन दिवस पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के लिए जिलेभर के चिकित्सा संस्थानों में सघन मॉनिटरिंग की गई। जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के निर्देश पर जिला और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने संस्थानों का निरीक्षण कर गतिविधियों की प्रगति जानी और आवश्यक निर्देश दिए।
सीएमएचओ डॉ. ओ.पी. सामर के निर्देशन में हुई मॉनिटरिंग का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच, प्रसव के लिए उपयुक्त संस्थान का नियोजन और जरूरत पड़ने पर उच्च चिकित्सा संस्थान में समय पर रेफरल सुनिश्चित करना रहा।
निरीक्षण के दौरान हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। स्वास्थ्यकर्मियों को ऐसी महिलाओं की नियमित जांच, आवश्यक उपचार और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार रेफरल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए जागरूक करने पर भी जोर दिया।
सीएमएचओ ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला के प्रसव का संभावित समय और स्थान पहले से तय होना चाहिए, ताकि प्रसव के दौरान जटिलता होने पर तुरंत उपचार मिल सके। विभाग का लक्ष्य मातृ और शिशु मृत्यु दर कम करने के साथ हर गर्भवती महिला को सुरक्षित प्रसव सुविधा से जोड़ना है।
