बूंदी। विकसित भारत जन सेवा अभियान के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक बूंदी जिले में अधिकाधिक रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। अभियान की तैयारियों को लेकर बुधवार को स्वास्थ्य भवन बूंदी में सीएमएचओ डॉ. ओपी सामर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक हुई। बैठक के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी चिकित्सा अधिकारियों को रक्तदान शिविरों के आयोजन और आमजन को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए।
सीएमएचओ डॉ. सामर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान अपने-अपने चिकित्सा संस्थानों पर अधिक से अधिक रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिले में ज्यादा से ज्यादा रक्त यूनिट एकत्रित करने के लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी समन्वित प्रयास करें तथा रक्तदान को जन अभियान का रूप दें।
उन्होंने कहा कि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं, दुर्घटना पीड़ितों और आपातकालीन परिस्थितियों में भर्ती मरीजों को तत्काल रक्त की आवश्यकता हो सकती है। ऐसे में पर्याप्त रक्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास जरूरी हैं।
रक्तदान को लेकर भ्रांतियां दूर करने पर जोर
डॉ. सामर ने चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को आमजन को रक्तदान के महत्व की जानकारी देने तथा इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वस्थ एवं पात्र लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करते हुए अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ने की बात कही।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक रक्तदान शिविर में अधिकाधिक रक्त संग्रहण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अभियान के पहले दिन 17 सितंबर को विशेष रूप से प्रभावी बनाते हुए जिले में व्यापक स्तर पर रक्तदान के लिए वातावरण तैयार किया जाए।
17 सितंबर को तीन स्थानों पर शिविर
सीएमएचओ डॉ. सामर ने बताया कि अभियान के प्रथम दिन 17 सितंबर को ब्लड बैंक बूंदी, रेडक्रॉस बूंदी और राजकीय महाविद्यालय बूंदी पीजी कॉलेज में रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के निर्देशन में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जिले के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में भी रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे।
स्वास्थ्य भवन में आयोजित बैठक एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान एडिशनल सीएमएचओ डॉ. कमलेश शर्मा, डीपीएम यूनिट के सदस्य तथा विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। जिले के सभी चिकित्सा अधिकारी प्रभारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
