बूंदी, 24 अक्टूबर। 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम का शुभारंभ 23 अक्टूबर को सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी की पावन छत्रछाया में हुआ। 26 अक्टूबर तक चलने वाले इस चार दिवसीय समागम में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। समागम में आध्यात्मिक जागृति के साथ प्रेम, सद्भाव और मानवता का संदेश दिया जा रहा है।
समागम के प्रथम दिवस आयोजित ‘मानवता के नाम संदेश’ में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने कहा कि परमात्मा का एहसास ही मानव मन में वास्तविक आध्यात्मिक जागृति लाता है। उन्होंने जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर होने वाले भेदभाव से ऊपर उठकर सभी को प्रेम, सम्मान और अपनत्व के साथ स्वीकार करने का संदेश दिया। साथ ही, प्रत्येक व्यक्ति से अपने सामाजिक दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया।
बूंदी से स्पेशल ट्रेन से पहुंचे श्रद्धालु
महेश चांदवानी ने बताया कि बूंदी से बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्पेशल ट्रेन के माध्यम से संत समागम में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने समागम में भाग लेकर आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त किया।
इस अवसर पर संत निरंकारी मंडल के पदाधिकारियों ने सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी का स्वागत किया। समागम से पूर्व आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश के विभिन्न हिस्सों से आए पत्रकारों ने कार्यक्रम के उद्देश्यों और इससे जुड़े जनकल्याणकारी संदेशों की जानकारी प्राप्त की।
26 अक्टूबर तक चलने वाले इस समागम में आध्यात्मिक विचारों के माध्यम से समाज में आपसी सद्भाव, भाईचारे और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
