स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में आयोजित हुए कॉमनवेल्थ गेम में राजस्थान इंटरनेशनल बॉक्सर अरुंधति द्वा गोल्ड मेडल जीतने के बाद उन्हें नई जिम्मेदारी मिल गई है। खिलाड़ी अरुंधति को 'बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ' का ब्रांड एंबेसडर बना दिया है। जिला कलेक्टर ने महिला अधिकारिता विभाग की बैठक में इस निर्णय को लिया है। जिसमें सर्वसम्मति से अरुंधति के नाम पर सभी ने प्रस्ताव लाकर मोहर लगा दी है।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर शहर विनोद कुमार मल्होत्रा ने बताया बालिकाओं से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए इस बैठक का आयोजन किया गया था। जिसमें खिलाड़ी अरुंधति चौधरी के नाम पर सभी ने अपनी सहमति दे दी है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम में सरकारी विद्यालयों की ब्लॉक लेवल पर 10वीं और 12वीं की छात्रों को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही सभी सुपरवाइजर को भी निर्देश दिए गए हैं की बालिकाओं के जन्मोत्सव पर ढोल नगाड़ों के साथ समारोह मनाया जाए। साथ ही बेबी किट भी रूरल एरिया में दिए जाएंगे। वहीं जेके लोन और नए अस्पताल सहित सरकारी बालिका छात्रावास में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' की थीम वाली बेडशीट भी दी जाएगी।
आपको बता दे की अरुंधति बॉक्सिंग चैंपियन है और उन्होंने जुलाई महीने में यूनाइटेड किंगडम में आयोजित हुए कॉमनवेल्थ गेम में 70 किलोग्राम वेट वाली महिला बॉक्सिंग में भारत को गोल्ड दिलाया था। अरुंधति का शुरुआती खेल बास्केटबॉल से शुरू हुआ लेकिन बाद में सिंगल गेम की तरफ डायवर्ट हुई और वुशु की चैंपियनशिप जीती थी। इसके बाद से ही अरुंधति का कारवां रुक नहीं और वह कई गोल्ड सहित अन्य पदक भारत के लिए जीत चुकी है।
