नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा
कोटा। देशभर के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित एलन टैलेंटेक्स-2027 की परीक्षा रविवार, 25 अक्टूबर को हुई। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से आयोजित इस परीक्षा में 27 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों के 3.47 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए। परीक्षा देश के 447 शहरों और कस्बों में 1405 केंद्रों पर ऑफलाइन मोड में आयोजित की गई, जबकि ऑनलाइन माध्यम से भी विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के चीफ ऑफ स्पेशल प्रोजेक्ट्स एवं हेड टैलेंटेक्स पंकज अग्रवाल ने बताया कि कक्षा 5 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा दोपहर 2 से 4 बजे तक हुई। ऑफलाइन परीक्षा में 3.25 लाख से अधिक और ऑनलाइन परीक्षा में 22 हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए। उन्होंने बताया कि टैलेंटेक्स की शुरुआत से अब तक 24 लाख से अधिक विद्यार्थी इसमें भाग ले चुके हैं।
2.50 करोड़ के कैश प्राइज, 90 प्रतिशत तक स्कॉलरशिप
पंकज अग्रवाल के अनुसार, परीक्षा के बाद विद्यार्थियों को नेशनल और स्टेट रैंक के आधार पर प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके तहत कुल 2.50 करोड़ रुपए के कैश प्राइज और शैक्षणिक सत्र 2027-28 में एलन के कोर्सेज में प्रवेश पर 90 प्रतिशत तक स्कॉलरशिप का अवसर दिया जाएगा। परिणाम घोषित होने के बाद रैंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों के सम्मान समारोह का आयोजन भी किया जाएगा।
टैलेंटेक्स-2027 का परिणाम नवंबर के दूसरे सप्ताह में घोषित होने की संभावना है। इसके बाद विद्यार्थी 20 दिसंबर तक अर्ली बर्ड योजना के तहत प्रवेश लेकर अतिरिक्त लाभ उठा सकेंगे। संस्थान के मुताबिक, स्कॉलरशिप के साथ पिछले वर्ष की फीस के आधार पर अर्ली फी बेनिफिट का लाभ भी मिल सकेगा।
इस बार एक साथ हुई देशव्यापी परीक्षा
पंकज अग्रवाल ने बताया कि पहले टैलेंटेक्स परीक्षा ऑफलाइन मोड में दो अलग-अलग तिथियों पर आयोजित की जाती थी। इस वर्ष पूरे देश में परीक्षा एक ही दिन कराई गई। संस्थान के अनुसार, टैलेंटेक्स के माध्यम से एलन से जुड़े कई विद्यार्थियों ने आगे चलकर आईआईटी, नीट और ओलंपियाड जैसी प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन किया है तथा ऑल इंडिया टॉप-100 में स्थान हासिल किया है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का आकलन करने का अवसर
टैलेंटेक्स का आयोजन आईआईटी, नीट और पहले आयोजित होने वाली एनटीएसई जैसी परीक्षाओं की तर्ज पर किया जाता है। इसमें परीक्षा का स्तर, अंक प्रणाली और रैंक विद्यार्थियों को अपनी तैयारी का आकलन करने का अवसर देते हैं। खासकर कक्षा 10 की परीक्षा देने वाले उन विद्यार्थियों के लिए यह उपयोगी हो सकता है, जो आगे इंजीनियरिंग या मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। परीक्षा के परिणाम से विद्यार्थी अपनी तैयारी की स्थिति समझकर आगे की रणनीति बना सकते हैं। स्कॉलरशिप मिलने पर पात्र विद्यार्थियों को कोचिंग की फीस में राहत भी मिल सकती है।
