नागरिक अभिव्यक्ति । बूंदी
बूंदी जिले के अन्थड़ा गांव स्थित प्रसिद्ध मां अरणा माता मंदिर में सोने के आभूषण बदलकर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, मंदिर में पूजा-सेवा की जिम्मेदारी संभालने वाले दो सगे भाइयों ने माता की मूर्ति पर चढ़े असली सोने के हार और कानों के आभूषण हटाकर उनकी जगह नकली जेवरात लगा दिए। इसके बाद असली आभूषण बूंदी स्थित कैपरी लोन कंपनी में गिरवी रखकर 6 लाख रुपए का गोल्ड लोन ले लिया। रायथल थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर 67.06 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए हैं। न्यायालय के आदेश पर दोनों को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, अन्थड़ा निवासी मान सिंह राजपूत ने 15 अक्टूबर 2026 को रायथल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि मां अरणा माता मंदिर विकास समिति की ओर से माली समाज के परिवारों को बारी-बारी से मंदिर में पूजा और सेवा की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। करीब 18 महीने पहले मांगीलाल और हेमराज के पास पूजा-सेवा की जिम्मेदारी थी। इसी दौरान मंदिर के असली सोने के आभूषण बदलकर नकली आभूषण पहनाए जाने का मामला सामने आया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा नंबर 195/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(4), 318(4) और 61(2) के तहत जांच शुरू की।
पूछताछ में खुलासा, कंपनी में गिरवी रखे थे जेवर
जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय सिंह चम्पावत के मार्गदर्शन और के. पाटन वृत्ताधिकारी अशोक जोशी के सुपरविजन में रायथल थानाधिकारी उपनिरीक्षक दलवीर सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने गांव के लोगों और मंदिर कर्मचारियों से पूछताछ की। संदेह के आधार पर मांगीलाल और उसके भाई हेमराज से पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों ने मंदिर के असली सोने के आभूषण बदलने और उन्हें कैपरी लोन कंपनी में गिरवी रखकर 6 लाख रुपए का गोल्ड लोन लेने की बात स्वीकार की।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 67.06 ग्राम वजन के सोने के आभूषण बरामद किए। पुलिस के अनुसार, बरामदगी में मंदिर के सभी संबंधित असली जेवरात मिल गए हैं।
दोनों आरोपी जेल भेजे
पुलिस ने मामले में मांगीलाल पुत्र दुर्गालाल माली (39) और हेमराज पुत्र दुर्गालाल माली (32), निवासी अन्थड़ा, थाना रायथल, जिला बूंदी को गिरफ्तार किया। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए गए।
कार्रवाई में थानाधिकारी दलवीर सिंह, सहायक उपनिरीक्षक ब्रजमोहन, सहायक उपनिरीक्षक वेदप्रकाश, कांस्टेबल सुभाष, तेजप्रकाश और हनुमान शामिल रहे। पुलिस के अनुसार, मामले का खुलासा करने में सहायक उपनिरीक्षक ब्रजमोहन और कांस्टेबल सुभाष की विशेष भूमिका रही।
