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पट्टों के आश्वासन पर माने ग्रामीण, मतदान बहिष्कार वापस

2021 से आवासीय पट्टों के लिए कर रहे संघर्ष, आचार संहिता हटने के बाद नियमानुसार वितरण का आश्वासन

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पट्टों के आश्वासन पर माने ग्रामीण, मतदान बहिष्कार वापस
पट्टों के आश्वासन पर माने ग्रामीण, मतदान बहिष्कार वापस
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नागरिक अभिव्यक्ति । सुल्तानपुर

सुल्तानपुर। पांच साल से आवासीय पट्टों की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे जालिमपुरा ग्राम पंचायत के बगतरी गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन के आश्वासन के बाद पंचायतीराज चुनाव में मतदान बहिष्कार का फैसला वापस ले लिया। अधिकारियों ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और आचार संहिता समाप्त होने के बाद नियमानुसार पट्टे जारी करने का आश्वासन दिया। करीब आधे घंटे तक चली समझाइश के बाद ग्रामीण मतदान में भाग लेने के लिए सहमत हो गए।

आवासीय पट्टे नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने मांग पूरी नहीं होने पर चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए दीगोद उपखंड अधिकारी दीपक महावर के निर्देश पर नायब तहसीलदार संदीप कुमार ने गांव की भूमि को आबादी क्षेत्र में परिवर्तित करवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। इसकी जिम्मेदारी सुल्तानपुर कानूनगो इंद्रराज गोचर को सौंपी गई।

इसी क्रम में शुक्रवार को ग्राम विकास अधिकारी आशीष शर्मा और कानूनगो इंद्रराज गोचर बगतरी गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को भूमि रूपांतरण और आवासीय पट्टे जारी करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। अधिकारियों ने आचार संहिता हटने के बाद नियमानुसार पट्टा वितरण का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार का निर्णय वापस लेने पर सहमति जताई। ग्रामीणों को समझाने में भाजपा नेता राजकुमार नंदवाना ने भी सहयोग किया।

ग्रामीणों की नाराजगी के पीछे पांच साल से लंबित समस्या

समाजसेवी दुर्गाशंकर सैनी ने बताया कि ग्रामीण वर्ष 2021 से आवासीय पट्टों की समस्या के समाधान के लिए प्रयास कर रहे हैं। विभिन्न स्तरों पर शिकायतें और अपील करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी थी। इसी के चलते ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार का निर्णय लिया था। शुक्रवार को प्रशासन की पहल और समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों में उम्मीद जगी और उन्होंने चुनाव में भाग लेने का फैसला किया।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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