बारां। शहर के समीप बमूलिया गांव में कई दिनों से लापता चल रहे 30 वर्षीय युवक का शव मंगलवार सुबह एनएच-27 के पास चारागाह भूमि में मिला। युवक के सिर में गोली लगी हुई थी और उसके हाथ में लोडेड पिस्टल मिली। शव के पास टूटा-फूटा मोबाइल भी बरामद हुआ। सूचना पर पुलिस, एफएसएल और साइबर टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान बमूलिया निवासी अनिल कुमार गुर्जर (30) पुत्र नाथूलाल के रूप में हुई है। सीआई हीरालाल पुनिया ने बताया कि युवक के सिर में गोली लगी थी और उसके हाथ में पिस्टल थी। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के भाई मनीष गुर्जर की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मौके से लोडेड पिस्टल और टूटा मोबाइल बरामद
पुलिस ने घटनास्थल को बेरिकेडिंग लगाकर सुरक्षित किया। इसके बाद एफएसएल और साइबर टीम ने मौके की बारीकी से जांच कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव के पास मिले मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्र में भी लोगों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक मौके से मिली पिस्टल लोडेड थी। इसमें से एक गोली चली, जो युवक की कनपटी में लगी। पोस्टमार्टम के दौरान गोली निकाल ली गई। वहीं दूसरी गोली चलने से पहले पिस्टल में ही फंसी हुई मिली। पुलिस ने पिस्टल जब्त कर ली है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि हथियार युवक तक कैसे पहुंचा और गोली उसने खुद चलाई या किसी अन्य व्यक्ति ने गोली चलाकर पिस्टल उसके हाथ में रखी।
अप्रैल में रिश्तेदार की युवती को लेकर गया था
पुलिस जांच में सामने आया है कि अनिल अप्रैल माह में अपने रिश्तेदार की युवती को लेकर चला गया था। इस संबंध में उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। जून में युवती को दस्तयाब किया गया था। इसके बाद युवती की शादी किसी अन्य युवक से करवा दी गई थी।
बताया जा रहा है कि इसके बाद से अनिल घर नहीं लौटा था और कई दिनों से लापता था। मंगलवार सुबह गांव के पास उसका शव मिलने और हाथ में पिस्टल मिलने से परिजन भी हैरान हैं।
एएसपी बोले- प्रथम दृष्ट्या आत्महत्या का मामला
एएसपी सौरभ तिवाड़ी ने बताया कि युवक के हाथ में लोडेड पिस्टल मिली है। प्रथम दृष्ट्या मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस अभी किसी एक निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। एफएसएल रिपोर्ट और पुलिस अनुसंधान के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
