बारां। करीबी वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत स्कूल हरिपुरा उर्फ जावरा की झोपड़ियां में शिक्षकों की कमी को लेकर गुरुवार सुबह ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। सुबह करीब 7:30 बजे ग्रामीणों ने स्कूल में तालाबंदी कर दी और शिक्षकों को भी ताले खोलने नहीं दिए। ग्रामीणों का कहना है कि पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
मामले की जानकारी मिलने पर खटकड़ पीईईओ पुरुषोत्तम गर्ग मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश की। समझाइश के बाद सुबह करीब 10 बजे स्कूल के ताले खोले गए।
प्रधानाचार्य समेत कई पद रिक्त
ग्रामीणों के अनुसार स्कूल में प्रधानाचार्य का पद खाली है। इसके अलावा प्राध्यापक के तीनों पद, वरिष्ठ अध्यापक गणित, लेवल-1 संस्कृत, कनिष्ठ सहायक और बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक सहित कई पद रिक्त हैं।
एक अध्यापिका को मिडिल संस्कृत स्कूल मंडित्या के संचालन के लिए प्रतिनियुक्ति पर लगाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षकों की कमी के कारण स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
समानीकरण में पद समाप्त होने पर जताई नाराजगी
ग्रामीणों ने बताया कि वरिष्ठ अध्यापक अंग्रेजी के पद पर कार्यरत कार्मिक का पद समानीकरण के दौरान समाप्त कर दिया गया। वहीं अंग्रेजी प्राध्यापक का पद भी स्वीकृत नहीं किया गया।
इसके अलावा लेवल-2 गणित एवं विज्ञान का पद समाप्त कर उसकी जगह लेवल-2 संस्कृत का पद स्वीकृत किए जाने पर भी ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। ग्रामीणों ने लेवल-2 संस्कृत के स्थान पर फिर से लेवल-2 गणित एवं विज्ञान का पद स्वीकृत करने की मांग की है।
5 सितंबर तक पद नहीं भरे तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 5 सितंबर तक स्कूल में शिक्षकों के रिक्त पद नहीं भरे गए, तो स्थायी तालाबंदी कर आंदोलन किया जाएगा। साथ ही समानीकरण के तहत समाप्त किए गए पदों को दोबारा सृजित करने की मांग भी की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
