कोटा. कोटा में 'ब्लड डोनर ग्रुप' के माध्यम से हजारों यूनिट रक्त कलेक्ट कर मरीजों की सांसें थामने वाले मसीहा, अस्पताल के बेड पर जिंदगी और मौत के बीच झूलते मरीजों के लिए पिछले तीन दशक से कोटा में ब्लड डोनेशन मूवमेंट चला रहे भुवनेश गुप्ता एक उम्मीद का नाम हैं, जो रात के 12 बजे और 2 बजे भी मसीहा बनकर उखड़ती हुई सांसें थाम लेते हैं। वे स्वयं 109 बार रक्तदान कर चुके हैं। रक्तदान के साथ-साथ वे 71 बार रक्त प्लेटलेट्स (एसडीपी) दान और 180 बार प्लाज्मा दान भी कर चुके हैं, जो युवाओं और समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। गुप्ता ने स्वयं रक्तदान ही नहीं किया, बल्कि हजारों लोगों को भी इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया। टीम जीवनदाता की स्थापना कर उन्होंने रक्तदान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया, जिससे देश के 100 से अधिक शहरों में 5,000 से ज्यादा युवा जुड़े हुए हैं। रक्तदान और सामाजिक सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें भारत के उपराष्ट्रपति सहित 500 से अधिक मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। कोरोना काल में उन्होंने 2,000 से अधिक लोगों को कोविड प्लाज्मा दान के लिए प्रेरित किया।
जरूरतमंदों के लिए रक्त जुटाने का संकल्प
उखड़ती सांसें थामने वाले मसीहा हैं भुवनेश गुप्ता
विशेष रिपोर्टर
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