नागरिक अभिव्यक्ति @ बूंदी
इंद्रगढ़ स्थित प्रसिद्ध बीजासन माता मंदिर की पहाड़ियों में पैंथर की लगातार आवाजाही अब श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन गई है। बुधवार देर रात पहाड़ी से उतरकर मंदिर परिसर में पहुंचे पैंथर ने सीढ़ियों पर मौजूद बकरी का शिकार कर लिया। घटना मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। इससे पहले मंदिर के ऊपरी हिस्से में पैंथर द्वारा श्वान का शिकार किए जाने की घटना भी सामने आ चुकी है।
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद मंदिर मार्ग की सीढ़ियों के दोनों ओर सुरक्षा दीवार या मजबूत तार फेंसिंग कराने की मांग उठी है।
समाजसेवी मूलचंद शर्मा तलवास ने जिला प्रशासन, वन विभाग और जनप्रतिनिधियों से श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया कि सीढ़ियों के दोनों ओर कम से कम 50-50 फीट तक पक्की सुरक्षा दीवार अथवा मजबूत तार फेंसिंग कराई जाए, ताकि वन्यजीवों की मंदिर मार्ग तक पहुंच को नियंत्रित किया जा सके।
नवरात्रि में लाखों श्रद्धालु पहुंचे
मूलचंद शर्मा ने बताया कि हाल ही में संपन्न नवरात्रि महोत्सव में देश-प्रदेश से लाखों श्रद्धालु मां बीजासन के दर्शन करने पहुंचे थे। उस दौरान मंदिर समिति, पुलिस और जिला प्रशासन ने व्यवस्थाएं संभालीं, लेकिन जंगल से घिरे इस पहाड़ी क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी को देखते हुए स्थायी सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं। नवरात्रि के अलावा भी प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। ऐसे में सीढ़ियों के आसपास पैंथर की सक्रियता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
ओम बिरला और विधायक से बजट की मांग
शर्मा ने लोकसभा अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय सांसद ओम बिरला और क्षेत्रीय विधायक सी.एल. प्रेमी से सांसद एवं विधायक कोष से सुरक्षा कार्य के लिए बजट उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। उन्होंने जिला प्रशासन, वन विभाग और मंदिर समिति से समन्वय बनाकर जल्द समाधान निकालने की मांग की।
मंदिर समिति अध्यक्ष हरीश योगी ने बताया कि जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव को मंदिर परिसर और मार्ग की सुरक्षा संबंधी चिंताओं से अवगत कराते हुए पत्र सौंपा गया है। पत्र में सीढ़ियों के दोनों ओर मजबूत फेंसिंग कराने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए मंदिर समिति का प्रतिनिधिमंडल जल्द दिल्ली जाकर ओम बिरला से मुलाकात करेगा और उन्हें पैंथर की लगातार आवाजाही तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के जोखिम से अवगत कराएगा।
सुबह 7 से शाम 5 बजे तक प्रवेश
हरीश योगी के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल मंदिर के मुख्य द्वार सुबह 7 बजे खोले जाते हैं और शाम 5 बजे के बाद श्रद्धालुओं के प्रवेश व आवाजाही पर प्रतिबंध रहता है। मंदिर समिति और समाजसेवियों ने प्रशासन से फेंसिंग सहित अन्य जरूरी सुरक्षा उपायों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में दर्शन कर सकें।
