नागरिक अभिव्यक्ति । सुल्तानपुर
सुल्तानपुर। विश्व की सबसे बड़ी उर्वरक सहकारी संस्था इफको के रिफॉर्म उत्सव 2026 के तहत कोटा जिले के बिसलाई गांव में किसान दिवस आयोजित किया गया। कार्यक्रम किसान सुरेश मीणा के खेत पर हुआ, जिसमें 90 से अधिक किसानों ने भाग लेकर रबी फसलों में उर्वरकों के संतुलित और आधुनिक प्रयोग की जानकारी ली।
कार्यक्रम में इफको के उप क्षेत्रीय प्रबंधक लाला राम चौधरी ने किसानों को नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के प्रयोग की विधि और उपयोगिता बताई। उन्होंने बताया कि रबी फसलों में नैनो डीएपी का बीज उपचार किया जा सकता है। इसके लिए 5 से 10 मिलीलीटर नैनो डीएपी प्रति किलो बीज की दर से प्रयोग करने की जानकारी दी गई। फसल की उम्र 30 से 35 दिन होने पर 4 मिलीलीटर नैनो डीएपी प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करने की सलाह दी गई। इसी तरह नैनो यूरिया का भी 4 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करने की जानकारी दी।
चौधरी ने बताया कि नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के प्रयोग से दानेदार डीएपी की आवश्यकता को कम किया जा सकता है। उन्होंने किसानों को बताया कि नैनो उर्वरकों के साथ खरपतवारनाशी और अन्य कीटनाशक दवाओं का भी छिड़काव किया जा सकता है।
इफको बाजार के विक्रय अधिकारी धर्मेश मालव ने किसानों को इफको बाजार की कार्यप्रणाली, उपलब्ध सुविधाओं और केंद्र से जुड़ने की प्रक्रिया की जानकारी दी। इफको एमसी के जगदीश नागर ने कृषि रसायनों के उपयोग से संबंधित जानकारी साझा की।
कृषि स्नातक प्रशिक्षु सुमित सहारण ने इफको के जल विलय उत्पादों के प्रयोग की विधि, निर्धारित मात्रा और उनकी उपयोगिता के बारे में किसानों को बताया। उन्होंने किसानों से कृषि आदानों का उपयोग अनुशंसित मात्रा और विधि के अनुसार करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन मनीष मेहता ने किया। किसान दिवस में शामिल किसानों ने नैनो उर्वरकों और अन्य कृषि उत्पादों के प्रयोग से जुड़ी जानकारी ली तथा खेती में आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर चर्चा की।
