नागरिक अभिव्यक्ति । बूंदी
बूंदी। शारदीय नवरात्र की दुर्गाष्टमी पर बूंदी में घर-घर कुलदेवी की पूजा-अर्चना की गई। देवी मंदिरों में विशेष श्रृंगार, दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती के पाठ सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। सुबह से ही मंदिरों में दर्शनार्थियों की कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। घरों में परंपरानुसार कुलदेवी की पूजा के साथ कन्या पूजन किया गया। कन्याओं को भोजन कराने के बाद उपहार भेंट किए गए।
पूर्व राजपरिवार ने की कुलदेवी आशापुरा की पूजा
दुर्गाष्टमी पर पूर्व राजपरिवार के सदस्य वंशवर्धन सिंह पत्नी के साथ मोती महल स्थित कुलदेवी मां आशापुरा के मंदिर पहुंचे। यहां विद्वान पंडितों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना करवाई। वंशवर्धन सिंह ने कुलदेवी के समक्ष शीश नवाकर बूंदी सहित संपूर्ण राजस्थान और देश की खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर घरों में भी कुलदेवी और द्याड़ी की पूजा की तैयारियां सुबह से ही शुरू हो गईं। कुलदेवी को गुड़ और गेहूं की लापसी का भोग लगाया गया। परिवार के सदस्यों ने एक साथ पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। परंपरा के निर्वहन के लिए बाहर रहने वाले परिवारजन भी अपने घर पहुंचे। कई घरों में कन्या पूजन कर बालिकाओं को भोजन कराया गया और उपहार भेंट किए गए।
पांच लाख रुपये के नोटों से महालक्ष्मी स्वरूप में सजीं बीजासन माता
बालचंद पाड़ा स्थित सिद्धपीठ बीजासन माता मंदिर में दुर्गाष्टमी पर मां का महालक्ष्मी स्वरूप में भव्य और आकर्षक श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर पांच लाख रुपये की राशि के नोटों से माता का विशेष श्रृंगार किया गया। इस अलौकिक झांकी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। विशेष आयोजन को देखते हुए मंदिर क्षेत्र को आकर्षक ढंग से सजाया गया।
तीन दशकों के स्वरूपों की तस्वीरों ने मोहा मन
बीजासन माता मंदिर में पिछले 25 वर्षों के दौरान माता के विभिन्न स्वरूपों के चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। छायाकार पीयूष पाचक ने पिछले 30 वर्षों में अपने कैमरे में माता के अलग-अलग स्वरूपों को कैद किया था। इन दुर्लभ तस्वीरों को गली में प्रदर्शित किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने माता के तीन दशकों के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन किए। शाम को सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मां बीजासन की विशेष झांकी के दर्शन किए और महाआरती में भाग लिया।
महाआरती और महाप्रसादी के साथ नवदुर्गा अनुष्ठान संपन्न
लबान स्थित लाल बाई माताजी मंदिर में शारदीय नवरात्र के दौरान आयोजित नवदुर्गा अनुष्ठान का समापन महाआरती और महाप्रसादी वितरण के साथ हुआ। नवरात्र के नौ दिनों में माता की प्रतिमा का प्रतिदिन अलग-अलग स्वरूपों में आकर्षक श्रृंगार किया गया। मंदिर में भक्तिमय माहौल और मनमोहक झांकियों ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया।
हाड़ौती क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंचे। भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। अनुष्ठान के समापन पर आयोजित महाआरती में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर माता के जयकारे लगाए। इसके बाद महाप्रसादी वितरित की गई। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।
