ADVERTISEMENT
ब्रेकिंग न्यूज़
• हाड़ौती अंचल: कोटा में नए रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट के लिए 120 करोड़ का अतिरिक्त बजट स्वीकृत • चुनाव आयोग ने आगामी निकाय चुनाव हेतु वोटर लिस्ट अपडेशन की समय सीमा बढ़ाई • राजस्थान बोर्ड परीक्षा 2026 की समय सारिणी घोषित, शिक्षा विभाग की बड़ी तैयारी • टी20 वर्ल्ड कप: भारतीय टीम ने दूसरे मुकाबले में भी दर्ज की धमाकेदार जीत
नागरिक अभिव्यक्ति
होम / खास खबर / लेख विस्तार
खास खबर

बूंदी में 101 कन्याओं का पूजन कर दिया नारी शक्ति और बालिका सशक्तीकरण का संदेश

रानी रोहिणी कुमारी राजपूत महिला फाउंडेशन की पहल, बेटियों की शिक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

संवाददाता
विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
अक्षर आकार:
बूंदी में 101 कन्याओं का पूजन कर दिया नारी शक्ति और बालिका सशक्तीकरण का संदेश
बूंदी में 101 कन्याओं का पूजन कर दिया नारी शक्ति और बालिका सशक्तीकरण का संदेश
ADVERTISEMENT
खबर शेयर करें:

बूंदी। नवरात्र के पावन अवसर पर रानी रोहिणी कुमारी राजपूत महिला फाउंडेशन, बूंदी की ओर से महारानी राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में 101 कन्याओं का पूजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से नारी शक्ति के सम्मान, बालिका सशक्तीकरण और बेटियों को समान अवसर प्रदान करने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान 101 कन्याओं के तिलक लगाकर विधि-विधान से पूजन किया गया। उन्हें लाल चुनरी ओढ़ाई गई और श्रद्धा भाव से उनके चरणों को जल से प्रक्षालित कर पूजा-अर्चना की गई। पूजन के बाद सभी कन्याओं को अल्पाहार करवाया गया तथा उपहार भेंट किए गए।

धार्मिक परंपरा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश

रानी रोहिणी कुमारी ने कहा कि कन्या पूजन केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है। बेटियों को समान अवसर, सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध करवाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिस समाज में बेटियों का सम्मान होता है, वही समाज वास्तविक प्रगति और समृद्धि की ओर बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि नवरात्र के दौरान कन्या पूजन के साथ बेटियों की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सशक्तीकरण का संकल्प लेना भी जरूरी है। बालिकाओं का सम्मान केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके अधिकारों की रक्षा करने, शिक्षा को प्रोत्साहित करने और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए भी प्रयास किए जाने चाहिए।

बेटा-बेटी में भेदभाव समाप्त करने का आह्वान

रानी रोहिणी कुमारी ने समाज के सभी वर्गों से बेटा-बेटी के बीच भेदभाव समाप्त करने और बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के मूल्यों को आत्मसात करते हुए नारी सम्मान को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटियों का सम्मान, उनकी शिक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास ही बालिका सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

ADVERTISEMENT
लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

comment पाठकों की प्रतिक्रिया (Comments)

अपनी राय दर्ज करें: