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बूंदी में 14 वर्षीय नसफिरत ने जान जोखिम में डालकर बचाई 4 साल की बच्ची की जान

गाय के हमले के दौरान मासूम मिस्बा को बचाने के लिए उसके ऊपर लेट गई बालिका, दोनों घायल; राजकीय स्तर पर सम्मानित करने की मांग

संवाददाता
विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
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बूंदी में 14 वर्षीय नसफिरत ने जान जोखिम में डालकर बचाई 4 साल की बच्ची की जान
बूंदी में 14 वर्षीय नसफिरत ने जान जोखिम में डालकर बचाई 4 साल की बच्ची की जान
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बूंदी। शहर की महावीर कॉलोनी में 14 वर्षीय बालिका नसफिरत ने साहस और मानवता की मिसाल पेश करते हुए गाय के हमले से 4 वर्षीय मासूम बच्ची की जान बचाई। अपनी जान की परवाह किए बिना मासूम को बचाने के प्रयास में नसफिरत भी घायल हो गई। घटना के बाद दोनों बालिकाओं को जिला चिकित्सालय के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। नसफिरत की बहादुरी की मोहल्ले में सराहना हो रही है।

वहीं, मानव सेवा समिति ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से उसे राजकीय स्तर पर सम्मानित करने की मांग की है।

मासूम को बचाने के लिए गाय के सामने डटी

जानकारी के अनुसार, बूंदी के वार्ड नंबर 43 स्थित महावीर कॉलोनी में 4 वर्षीय मिस्बा पर गाय ने हमला कर दिया। इसी दौरान वहां से गुजर रही 14 वर्षीय नसफिरत की नजर मासूम पर पड़ी। बच्ची को खतरे में देखकर वह उसे बचाने के लिए आगे आई और उसकी सुरक्षा के लिए उसके ऊपर लेट गई। इस दौरान गाय ने नसफिरत पर भी हमला कर दिया, जिससे दोनों बालिकाएं घायल हो गईं।

नसफिरत के साहस और सूझबूझ से मासूम मिस्बा की जान बच गई। घटना के बाद वार्ड पार्षद सगीर अहमद सहित मोहल्ले के लोगों ने दोनों घायल बालिकाओं को जिला चिकित्सालय पहुंचाया।

ट्रॉमा वार्ड पहुंचकर ली स्वास्थ्य की जानकारी

दोनों बालिकाओं के घायल होने की सूचना मिलने पर मानव सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रक्तवीर राजेश खोईवाल ट्रॉमा वार्ड पहुंचे। उन्होंने उपचार में मदद की और घटना की जानकारी लेते हुए दोनों बालिकाओं के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त की। फिलहाल दोनों का अस्पताल में उपचार जारी है।

आर्थिक स्थिति नहीं, साहस से बनी पहचान

नसफिरत बेहद गरीब परिवार से आती है। महज 14 वर्ष की उम्र में उसने जिस साहस और संवेदनशीलता का परिचय दिया, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना दूसरे की जान बचाने के लिए आगे आना उसके अदम्य साहस को दर्शाता है।

घटना के बाद मोहल्लेवासी नसफिरत की बहादुरी की सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जरूरत के समय किसी दूसरे की मदद के लिए आगे आना ही सच्ची मानवता है।

राजकीय स्तर पर सम्मानित करने की मांग

मानव सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रक्तवीर राजेश खोईवाल ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से नसफिरत को राजकीय स्तर पर सम्मानित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बालिका ने अपनी जान जोखिम में डालकर मासूम की जिंदगी बचाई है। उसका साहस असाधारण है और ऐसी बहादुर बेटियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए

खोईवाल ने कहा कि नसफिरत जैसी बालिकाओं का सम्मान मानवता, साहस और निस्वार्थ सेवा की भावना का सम्मान है। प्रशासन को घटना का संज्ञान लेकर बालिका को उचित सम्मान और प्रोत्साहन देना चाहिए, ताकि उसकी बहादुरी दूसरे बच्चों के लिए भी प्रेरणा बने।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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