नागरिक अभिव्यक्ति | बूंदी, 27 अक्टूबर। जिले में सहकारिता को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मंगलवार को जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव की अध्यक्षता में जिला सहकारी विकास समिति (डीसीडीसी) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले की 167 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) को ई-पैक्स घोषित करने तथा पशुपालकों को सुविधाजनक भुगतान उपलब्ध कराने सहित कई मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में कोटा-बूंदी जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड से संबद्ध पांच डेयरी समितियों के सचिवों को माइक्रो एटीएम वितरित किए गए। सहकारिता विभाग के उप रजिस्ट्रार मुकेश मोहन गर्ग ने बताया कि ‘सहकार से समृद्धि’ विजन के तहत जिले की सभी डेयरी समितियों के खाते केंद्रीय सहकारी बैंक में खोले जाएंगे। इन समितियों को बैंक मित्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे पशुपालक अपनी सहकारी समिति पर ही दूध का भुगतान प्राप्त कर सकेंगे। इससे ग्रामीणों को नकदी के लिए बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
पांच डेयरी समितियों को मिले माइक्रो एटीएम
माइक्रो एटीएम प्राप्त करने वालों में कुंवारती महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के राजेंद्र सैनी, गुवाड़ी दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के शिवचरण बैरागी, खेरुणा दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के किशन गोपाल सैनी, खालसा दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के गणेश लाल प्रजापत और विजयगढ़ (हिंडोली) दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के परमेश्वर मीणा शामिल हैं।
बैठक में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत पांच ग्राम सेवा सहकारी समितियों में निर्मित और निर्माणाधीन गोदामों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके अलावा जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सहकारी समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों तक ई-सेवाएं पहुंचाने के लिए 140 पैक्स में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) स्थापित किए जा चुके हैं। भविष्य में सहकारी समितियों को एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप सेंटर, पेट्रोल पंप रिटेल आउटलेट, जन औषधि केंद्र और प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में भी विकसित करने की योजना है। बैठक में केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
