कोटा/बूंदी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की इंटेलिजेंस विंग ने बुधवार को बूंदी जिले की तालेड़ा पंचायत समिति में कार्रवाई करते हुए जूनियर इंजीनियर (JEN) भानु प्रताप को कथित तौर पर 70 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि JEN ठेकेदार के करीब 10 लाख रुपए के बकाया बिल का भुगतान कराने के बदले कमीशन मांग रहा था। परिवादी की शिकायत पर रिश्वत मांग का सत्यापन करने के बाद ACB ने ट्रैप की कार्रवाई की।
ACB के DSP चंद्रकंवर के अनुसार, परिवादी ने 7 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसका करीब 10 लाख रुपए का बिल फरवरी से बकाया था। बिल पास कराने और भुगतान करवाने के बदले JEN भानु प्रताप कथित तौर पर 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहा था। आरोप है कि उसने अपने साथ सहायक अभियंता (AEN) के लिए भी रिश्वत की मांग की थी।
पहले 10 प्रतिशत कमीशन मांगा, बाद में 7 प्रतिशत पर सहमति का आरोप
परिवादी के मुताबिक, शुरुआत में बिल की राशि का 10 प्रतिशत कमीशन मांगा गया था। बाद में कथित तौर पर 7 प्रतिशत कमीशन देने पर सहमति बनी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि JEN पहले पुराने बिल पास कराने के बदले 10 हजार रुपए ले चुका था। अब 10 लाख रुपए के बिल के भुगतान के लिए 70 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी।
शिकायत का सत्यापन कर ACB ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद ACB ने रिश्वत मांग का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान 70 हजार रुपए की मांग की पुष्टि होने पर टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। बुधवार को तालेड़ा पंचायत समिति में कार्रवाई करते हुए टीम ने परिवादी से कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए JEN भानु प्रताप को पकड़ लिया।
AEN की कथित भूमिका की भी जांच
कार्रवाई के बाद ACB की टीम आरोपी JEN को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। मामले में रिश्वत की मांग, बकाया बिल के भुगतान और AEN की कथित भूमिका से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। रिश्वत लेने और मांगने से जुड़े आरोपों पर आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।
