नागरिक अभिव्यक्ति @ बूंदी
बूंदी। जिले में संचालित राजकीय और गैर राजकीय बाल देखरेख संस्थानों की व्यवस्थाओं की पड़ताल के लिए अतिरिक्त जिला कलेक्टर रमेश दवे ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने तेजस्विनी बालिका गृह, टैगोर बाल गृह सहित अन्य बाल गृहों का जायजा लेकर बच्चों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्थान संचालकों को व्यवस्थाओं में सुधार और बच्चों की देखभाल में पूरी संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए।
दवे ने बच्चों से बातचीत कर उनकी दिनचर्या और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में जाना। उन्होंने संस्थानों के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की भी जांच की। उन्होंने कहा कि बच्चों को किताबी शिक्षा के साथ व्यावहारिक जीवन कौशल यानी लाइफ स्किल्स से जोड़ना जरूरी है, ताकि वे पढ़ाई के साथ रोजमर्रा की परिस्थितियों को समझने और उनसे निपटने में भी सक्षम बन सकें।
साफ-सफाई और खानपान पर जोर
एडीएम ने बाल गृहों में साफ-सफाई, गुणवत्तापूर्ण खानपान और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों के पालन-पोषण और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक रामराज मीना, संरक्षण अधिकारी गोविंद कुमार गौतम और सरफराज आलम मौजूद रहे।
