बूंदी। अंथड़ा रोड पर जर्जर और संकरे मार्ग के कारण ग्रामीणों एवं किसानों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। रावी ग्रीन फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड के इथेनॉल प्लांट में आने-जाने वाले भारी वाहनों की आवाजाही से इस मार्ग पर हादसों का खतरा बना हुआ है। सड़क की बदहाल स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रविवार सुबह प्लांट में बॉयलर में जलाने के लिए सरसों का कांट भूसा लेकर जा रही एक विशालकाय ट्रैक्टर-ट्रॉली अंधेड़ वितरिका में पलट गई। ट्रॉली पलटने से नहर का पानी ओवरफ्लो होकर आसपास के खेतों में भर गया, जिससे किसानों के सामने गेहूं की बुवाई में देरी होने की आशंका खड़ी हो गई है।
अंथड़ा रोड पर यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी फैक्ट्री से निकल रहे एक ट्रेलर की टक्कर से क्षेत्र के एक किसान का ट्रैक्टर नहर में गिर गया था। उस घटना के बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन कर सड़क की बदहाली और भारी वाहनों की आवाजाही से उत्पन्न समस्याओं पर नाराजगी जताई थी। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पूरी तरह जर्जर होने के साथ ही संकरी भी है। ऐसे में बड़े वाहनों के आमने-सामने आने पर उन्हें निकलने में परेशानी होती है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री मुरली मनोहर नागर ने बताया कि अंथड़ा रोड की बदहाल स्थिति और इथेनॉल प्लांट में आने-जाने वाले भारी वाहनों के कारण ग्रामीणों एवं किसानों को हो रही परेशानियों से गत दिनों लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को अवगत करा कर क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए सड़क का नवनिर्माण कराने का अनुरोध किया था। इसके बाद एमडीआर-409 के तहत सड़क निर्माण के प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजे गए हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से इस सड़क का निर्माण 54 करोड़ 51 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा। सड़क निर्माण होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होने के साथ ही ग्रामीणों को जर्जर मार्ग से होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
दर्जनों गांवों को मिलेगी राहत -
प्रस्तावित सड़क निर्माण से ठीकरिया चारणान, अंथड़ा, लीलेड़ा व्यासान और लालपुरा पंचायत सहित आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। इससे किसानों, वाहन चालकों और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं और किसानों की समस्याओं के बीच अब ग्रामीणों को सड़क निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार है।
