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बूंदी बंद पर व्यापारी दो खेमों में, बाजार खुलेगा या बंद रहेगा? शहर में असमंजस

संयुक्त व्यापार महासंघ ने 6 अक्टूबर के बंद का किया आह्वान, व्यापार महासंघ ने विरोध में दुकानें खोलने की अपील; कांग्रेस और विधायक हरिमोहन शर्मा का बंद को समर्थन

संवाददाता
विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
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बूंदी बंद पर व्यापारी दो खेमों में, बाजार खुलेगा या बंद रहेगा? शहर में असमंजस
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नागरिक अभिव्यक्ति । बूंदी

बूंदी जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं और व्यापारी अशोक गुप्ता की मौत के विरोध में 6 अक्टूबर को प्रस्तावित बूंदी बंद को लेकर शहर के व्यापारियों में ही मतभेद सामने आ गए हैं। संयुक्त व्यापार महासंघ ने बंद का आह्वान करते हुए इसे अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और व्यापारी की मौत के विरोध से जोड़ा है, वहीं व्यापार महासंघ ने बंद का विरोध करते हुए दुकानदारों से मंगलवार को प्रतिष्ठान खुले रखने की अपील की है। दो अलग-अलग संगठनों के रुख के कारण बाजार बंद रहेगा या खुलेगा, इसे लेकर आम लोगों और व्यापारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

संयुक्त व्यापार महासंघ के अध्यक्ष प्रेमप्रकाश एवरग्रीन और सचिव प्रशांत मोदी के अनुसार शनिवार को आयोजित बैठक में सामाजिक, व्यापारिक, राजनीतिक और धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों की मौजूदगी में 6 अक्टूबर को बूंदी बंद का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था। उनका कहना है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और व्यापारी की मौत के मामले को लेकर बंद को व्यापक व्यापारिक समर्थन हासिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव के कारण कुछ व्यापारी बंद का विरोध कर रहे हैं।

इसके विपरीत व्यापार महासंघ अध्यक्ष निरंजन जिंदल की मौजूदगी में हुई बैठक में विभिन्न व्यापारिक संघों के प्रतिनिधियों ने लिखित सहमति और हस्ताक्षर देकर बंद का विरोध किया। महासंघ ने कहा कि बिना पूर्व सहमति या व्यक्तिगत हितों के आधार पर प्रस्तावित बंद का वह समर्थन नहीं करता और मंगलवार को बाजार सामान्य रूप से संचालित रखने की अपील की है। भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, सभापति भरत शर्मा, शहर अध्यक्ष राजकुमार श्रृंगी, पूर्व सभापति महावीर मोदी सहित कई जनप्रतिनिधि और व्यापारिक नेता भी बाजार में दुकानदारों से संवाद कर दुकानें खोलने की अपील करते नजर आए। दुकानदारों के एक वर्ग ने बाजार खुला रखने की बात कही।

बंद के बीच प्रशासन ने अस्पताल व्यवस्था में बदलाव शुरू कर दिए हैं। जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव के आदेश पर डॉ. गोविंद गुप्ता को आगामी आदेश तक जिला चिकित्सालय के नए प्रमुख चिकित्सा अधिकारी का कार्यभार सौंपा गया है। वर्तमान पीएमओ डॉ. लक्ष्मीनारायण मीणा को संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, कोटा संभाग के लिए कार्यमुक्त किया गया है। प्रशासन ने अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए बैठक कर 24 घंटे फिजिशियन की ऑन-फ्लोर ड्यूटी, एमआईसीयू और आपातकालीन कक्ष में जीवनरक्षक दवाइयों व क्रैश कार्ट की 24X7 उपलब्धता तथा मेडिसिन रोगियों के लिए आईसीयू जैसी सुविधा वाले दो बेड सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

इधर जिला कांग्रेस कमेटी ने भी 6 अक्टूबर के बंद को समर्थन दिया है। पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल और जिला कांग्रेस अध्यक्ष महावीर मीणा ने कहा कि अशोक गुप्ता की मौत ने बूंदी की चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और यह जनहित का मुद्दा है। विधायक हरिमोहन शर्मा ने भी बंद को पूर्ण समर्थन देते हुए अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं, सीजेरियन ओटी बंद होने और प्रसूताओं को रेफर किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा नेताओं पर व्यापारियों को बंद के समर्थन से रोकने के लिए दबाव बनाने का आरोप भी लगाया। ऐसे में अब निगाहें मंगलवार के बाजार पर हैं कि व्यापारियों के दो धड़ों में से किसका रुख शहर के बाजार पर भारी पड़ता है।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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