बूंदी। अमर कटला में स्वर्गीय श्रीमती सूरज कंवर की पुण्य स्मृति में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट महोत्सव मनाया गया। इस दौरान गिरिराज जी को 56 भोग अर्पित किए गए और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्मलाभ लिया।
व्यासपीठ से वैष्णोदेवी मंदिर के मुख्य पुजारी पं. संदीप चतुर्वेदी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी, पूतना वध और गोवर्धन पूजा के प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को धन और पद का अहंकार त्यागकर प्रकृति एवं पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए। गोवर्धन पूजा का प्रसंग प्रकृति के प्रति सम्मान और उसके संरक्षण का संदेश देता है।
कथा के दौरान भजनों की प्रस्तुति पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। गोवर्धन पूजा के बाद महाआरती की गई और श्रद्धालुओं को अन्नकूट का महाप्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर ओमप्रकाश ओझा, सुनील ओझा, रवि ओझा, विमला ओझा, राजेश ओझा, दिनेश उपाध्याय, दिनेश सारस्वत, चंद्रकला और शशिकला सहित ओझा परिवार के सदस्य एवं अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजक ओझा परिवार ने बताया कि कथा के छठे दिन श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह उत्सव मनाया जाएगा।
