बूंदी। स्थानीय भूरा गणेश मंदिर प्रांगण में गुरुवार रात गणेश महोत्सव समिति की ओर से भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नगर परिषद सभापति भरत शर्मा मुख्य अतिथि रहे, जबकि अध्यक्षता महोत्सव समिति अध्यक्ष विजयंत सिंह आमेरा ने की। देर रात तक चले कवि सम्मेलन में देशभर से आए कवियों ने हास्य, व्यंग्य, वीर रस, राष्ट्रभक्ति और नारी सशक्तिकरण से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने भगवान गजानन की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर महाआरती के साथ किया। इसके बाद गणेश महोत्सव समिति के पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। महाआरती के बाद काव्य पाठ का सिलसिला शुरू हुआ, जो मध्यरात्रि तक चलता रहा।
हास्य एवं व्यंग्य के कवि अर्जुन अल्लड़ ने गजानन वंदना और राजस्थानी संस्कृति पर आधारित हास्य रचनाएं प्रस्तुत कर माहौल को खुशनुमा बना दिया। उनकी हास्य प्रस्तुति पर पांडाल ठहाकों और तालियों से गूंज उठा।
कवयित्री प्रेरणा ठाकरे ने नारी सशक्तिकरण और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत रचनाएं प्रस्तुत कीं। उन्होंने भारत की बेटियों की क्षमता और आत्मविश्वास को अपनी कविताओं के माध्यम से अभिव्यक्त किया। अमर शहीदों और देश की महान बेटियों को समर्पित उनकी प्रस्तुति पर श्रोताओं ने तालियों से उत्साहवर्धन किया।
वहीं वीर रस के कवि भूपेंद्र राठौड ने ओजपूर्ण काव्य पाठ के माध्यम से श्रोताओं में देशभक्ति का भाव जगाया। उनकी प्रस्तुतियों के दौरान पांडाल में उत्साह का माहौल रहा और श्रोताओं ने तालियों के साथ कवि का उत्साह बढ़ाया।
नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का किया अभिनंदन
कार्यक्रम के दौरान नगर परिषद के नवनिर्वाचित सभापति, उपसभापति एवं पार्षदों का गणेश महोत्सव समिति अध्यक्ष विजयंत सिंह आमेरा, संरक्षक रोशन भड़कतिया एवं समिति पदाधिकारियों की ओर से अभिनंदन किया गया।
महोत्सव समिति प्रवक्ता अभिषेक जैन ने बताया कि कार्यक्रम में संरक्षक रोशन भड़कतिया, भाजपा शहर अध्यक्ष राजकुमार श्रंगी, उपसभापति संजय भूटानी, संजय शर्मा, चंद्रप्रकाश सेठी, पूर्व पालिका चेयरमैन भगवान लाडला, पार्षद टीकम जैन, पेंशु सिंह, बालकिशन सोनी, नगेंद्र शर्मा, पूर्व पार्षद मोनिका शेरगढ़िया, अनिल शर्मा सहित समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।
कवि सम्मेलन का मंच संचालन पूर्व पार्षद राजेश शेरगढ़िया ने किया। देर रात तक चले आयोजन में श्रोताओं ने विभिन्न रसों की कविताओं का आनंद लिया।
