बूंदी, 3 नवंबर। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को रोकने और बालिकाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मंगलवार को वार्ड नंबर 22 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिला अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों और इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
सामाजिक परामर्शदाता सलोनी शर्मा ने बताया कि बाल विवाह से बालिकाओं की शिक्षा प्रभावित होने के साथ उनके स्वास्थ्य और शारीरिक-मानसिक विकास पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने महिलाओं से बालिकाओं की पढ़ाई जारी रखने, उन्हें समान अवसर देने और कम उम्र में विवाह के लिए दबाव नहीं बनाने का आह्वान किया।
विधिक परामर्शदाता प्राची शर्मा ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना देकर इसे रुकवाने में सहयोग करना चाहिए। महिलाओं से अपने आसपास जागरूकता फैलाने और बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई।
कार्यक्रम सहायक निदेशक मेरींगटन सोनी के निर्देशानुसार आयोजित हुआ। इसमें आंगनबाड़ी सहायिका शमा बानो सहित क्षेत्र की महिलाएं उपस्थित रहीं।
