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बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

‘नारी चौपाल–सशक्त बालिका, सुरक्षित समाज’ सप्ताह के तहत बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल की दी जानकारी

संवाददाता
विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
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बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित
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बूंदी | नागरिक अभिव्यक्ति। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित ‘नारी चौपाल–सशक्त बालिका, सुरक्षित समाज’ सप्ताह के तहत बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य बाल विवाह से संबंधित कानूनी प्रावधानों, बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल और बालिकाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक मैरिंगटन सोनी ने बताया कि 11 से 16 अक्टूबर 2026 तक ‘नारी चौपाल–सशक्त बालिका, सुरक्षित समाज’ सप्ताह आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत बालिकाओं के अधिकारों, सुरक्षा, सशक्तीकरण और बाल विवाह की रोकथाम के लिए विभिन्न जागरूकता एवं प्रशिक्षण गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

बाल विवाह रोकने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

कार्यशाला का शुभारंभ जेंडर स्पेशलिस्ट विनिता अग्रवाल ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए सप्ताह के दौरान अब तक आयोजित गतिविधियों और 16 अक्टूबर तक प्रस्तावित कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है।

बाल अधिकारिता विभाग की चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला समन्वयक रामनारायण गुर्जर ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, बाल विवाह की रोकथाम और बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह के विरुद्ध जनजागरूकता बढ़ाने और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

श्री नारायण सेवा एवं विकास संस्थान के अध्यक्ष रामसिंह ने बाल विवाह से जुड़ी सामाजिक कुरीतियों और इसके दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस प्रथा को समाप्त करने के लिए सामाजिक चेतना विकसित करने और आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही।

बालिकाओं के अधिकारों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी

महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र, बूंदी की विधिक परामर्शदाता छाया सक्सेना ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा और बाल विवाह की रोकथाम के लिए कानून के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता बताई।

कार्यशाला के माध्यम से बाल विवाह की रोकथाम, कानूनी जागरूकता और बालिकाओं के अधिकारों के संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।

विभागीय अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद

कार्यशाला के अंत में तालेड़ा ब्लॉक की पर्यवेक्षक प्रीति बंशीवाल ने अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर पर्यवेक्षक रजनी शर्मा, सलोनी कुमावत, प्रमिला, सूचना सहायक राशि, पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की केंद्र प्रबंधक पूर्णिमा गौतम, परामर्शदाता सलोनी शर्मा, अक्षिता चारण एवं प्राची शर्मा, सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रबंधक हीना शर्मा, नवल शर्मा तथा बाल अधिकारिता विभाग की चाइल्ड हेल्पलाइन टीम के सदस्य उपस्थित रहे।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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