नागरिक अभिव्यक्ति । बूंदी
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बूंदी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. सामर ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के तहत संचालित 1033 ट्रॉमा एम्बुलेंस की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने एम्बुलेंस की कार्यप्रणाली और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं की जांच कर संबंधित कार्मिकों को आवश्यक निर्देश दिए।
सीएमएचओ डॉ. सामर ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना के दौरान घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में 1033 ट्रॉमा एम्बुलेंस की महत्वपूर्ण भूमिका है। एनएचएआई की ओर से दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेस-वे (एनई-4) और अमृतसर-जामनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-754ए) पर वे-साइड एमेनिटीज में ट्रॉमा सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य राजमार्गों से गुजरने वाले यात्रियों को आपात स्थिति में त्वरित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है।
उन्होंने संबंधित कार्मिकों को एम्बुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्थाएं सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही सेवाओं की नियमित निगरानी और जरूरतमंदों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के निर्देशन में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता बेहतर बनाने के लिए निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग की जा रही है। इसका उद्देश्य आमजन को समयबद्ध और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
