बूंदी, 13 अक्टूबर | नागरिक अभिव्यक्ति। राजकीय कन्या महाविद्यालय, बूंदी के गृह विज्ञान विभाग की ओर से ‘विकसित भारत जन सेवा अभियान’ के अंतर्गत ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के तहत ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मकता, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
अनुपयोगी सामग्री से बनाए आकर्षक उत्पाद
प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने पुराने समाचार पत्र, कार्डबोर्ड, प्लास्टिक की बोतलें, चूड़ियां, चम्मच, पुराने कपड़े, ऊन और शीशे जैसी अनुपयोगी सामग्रियों का रचनात्मक इस्तेमाल कर आकर्षक एवं उपयोगी सजावटी वस्तुएं बनाईं। छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता और कौशल के माध्यम से यह दिखाया कि बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं का दोबारा उपयोग करके उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संदीप यादव ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अपशिष्ट सामग्री का रचनात्मक पुनः उपयोग पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नवाचार और आत्मनिर्भरता की भावना को भी विकसित करता है। ऐसी गतिविधियां छात्राओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने छात्राओं को भविष्य में भी पर्यावरण हितैषी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
अपूर्वा शर्मा ने हासिल किया पहला स्थान
प्रतियोगिता का मूल्यांकन योगिता शर्मा और भगवान सिंह ने किया। निर्णायकों ने रचनात्मकता, नवीनता, उपयोगिता, सौंदर्यबोध और अपशिष्ट सामग्री के प्रभावी इस्तेमाल के आधार पर प्रतिभागियों की कृतियों का आकलन किया।
प्रतियोगिता में बीए प्रथम सेमेस्टर की अपूर्वा शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बीए पंचम सेमेस्टर की तमन्ना गुर्जर दूसरे स्थान पर रहीं। वहीं, बीए तृतीय सेमेस्टर की डिम्पल प्रजापत और जसप्रीत कौर ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया। विजेता छात्राओं की रचनात्मकता और प्रयासों की सराहना की गई।
कार्यक्रम का आयोजन डॉ. तन्वी खुराना और सुश्री रूबी शर्मा के निर्देशन में किया गया। प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण, पुनः उपयोग और नवाचार का व्यावहारिक संदेश दिया गया।
