बूंदी। जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में राजकीय महाविद्यालय बूंदी में बुधवार को विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। निबंध लेखन, नारा लेखन और लघु आलेख प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम प्राचार्य राहुल सक्सेना की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को जनजातीय विरासत, संस्कृति और देश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समुदाय के महत्वपूर्ण योगदान की जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों से जनजातीय महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
नोडल अधिकारी डॉ. दिलीप राठौड़ ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन को राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक गौरव और स्वतंत्रता की प्रेरणा का प्रतीक बताया। कार्यक्रम प्रभारी डॉ. मेघा गुप्ता ने कहा कि जनजातीय समाज भारतीय सांस्कृतिक विरासत की महत्वपूर्ण धरोहर है। प्रतियोगिताओं का उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना है।
प्रतियोगिताओं में ये रहे विजेता
लघु आलेख प्रतियोगिता में सलोनी हाड़ा ने प्रथम और नीलम गुर्जर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। नारा लेखन प्रतियोगिता में नीलम गुर्जर प्रथम तथा शीतल कुमारी मीणा द्वितीय रहीं। वहीं निबंध लेखन प्रतियोगिता में अंजलि मीणा ने प्रथम और तराना गौतम ने द्वितीय स्थान हासिल किया।
प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन के लिए डॉ. सविता चौधरी, श्रीमती सुमन यादव और सुश्री नीतू मीणा ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन श्री रामकेश मीणा, श्री रविन्द्र कुमार और डॉ. वंदना शर्मा के मार्गदर्शन में हुआ। समापन पर प्राचार्य राहुल सक्सेना ने परिणाम घोषित कर विजेता एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
