बूंदी। जनजातीय गौरव दिवस पखवाड़े के तहत राजकीय महाविद्यालय, बूंदी के चित्रकला विभाग में ‘माई ट्राइब, माई हेरिटेज’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें लगभग 23 विद्यार्थियों ने भाग लेकर अपनी कलात्मक और सृजनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने चित्रों के माध्यम से जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराओं और विरासत को दर्शाया।
महाविद्यालय के प्राचार्य राहुल सक्सेना ने बताया कि भारत सरकार की पहल पर जनजातीय कला, संस्कृति, विरासत और गौरवशाली इतिहास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महाविद्यालय में विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रतियोगिता प्रभारी डॉ. आशीष कुमार श्रृंगी ने बताया कि विद्यार्थियों ने जनजातीय कला, संस्कृति, परंपराओं और विरासत से प्रेरित विभिन्न चित्र बनाए। इन कलाकृतियों में जनजातीय समाज की सांस्कृतिक समृद्धि, पारंपरिक कला शैलियों और प्रकृति के साथ उसके गहरे जुड़ाव को अभिव्यक्त किया गया।
4 नवंबर को होंगी लेखन प्रतियोगिताएं
महाविद्यालय के नोडल अधिकारी डॉ. दिलीप राठौड़ ने बताया कि जनजातीय गौरव दिवस पखवाड़े के तहत आगामी 4 नवंबर को राजकीय महाविद्यालय, बूंदी के छात्रावास परिसर में निबंध, लघु आलेख और नारा लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को जनजातीय संस्कृति, इतिहास और विरासत से जुड़े विषयों पर अपने विचार रचनात्मक रूप से प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
