ADVERTISEMENT
ब्रेकिंग न्यूज़
• हाड़ौती अंचल: कोटा में नए रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट के लिए 120 करोड़ का अतिरिक्त बजट स्वीकृत • चुनाव आयोग ने आगामी निकाय चुनाव हेतु वोटर लिस्ट अपडेशन की समय सीमा बढ़ाई • राजस्थान बोर्ड परीक्षा 2026 की समय सारिणी घोषित, शिक्षा विभाग की बड़ी तैयारी • टी20 वर्ल्ड कप: भारतीय टीम ने दूसरे मुकाबले में भी दर्ज की धमाकेदार जीत
नागरिक अभिव्यक्ति
होम / शहर / लेख विस्तार
शहर

बूंदी उपभोक्ता आयोग का फैसला: दो नाबालिग परिवादियों को बीमा कंपनी ने दिए 1.68 करोड़ रुपये

क्लेम खारिज करने पर आयोग ने बजाज अलायंज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को सुनाया फैसला, 6 प्रतिशत ब्याज समेत भुगतान के आदेश की पालना

संवाददाता
विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
अक्षर आकार:
बूंदी उपभोक्ता आयोग का फैसला: दो नाबालिग परिवादियों को बीमा कंपनी ने दिए 1.68 करोड़ रुपये
बूंदी उपभोक्ता आयोग का फैसला: दो नाबालिग परिवादियों को बीमा कंपनी ने दिए 1.68 करोड़ रुपये
ADVERTISEMENT
खबर शेयर करें:

बूंदी। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, बूंदी ने बीमा क्लेम खारिज करने के मामले में दो नाबालिग परिवादियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बजाज अलायंज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को बीमा राशि ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए। आयोग के आदेश की पालना में बीमा कंपनी की ओर से एक करोड़ 68 लाख 32 हजार 532 रुपए का डीडी आयोग में प्रस्तुत किया गया।

मामले में आयोग ने बीमा कंपनी द्वारा क्लेम खारिज किए जाने को अवैध माना था। आयोग ने आदेश दिया था कि बीमा कंपनी परिवाद पेश किए जाने की तारीख से 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ अवार्ड राशि का भुगतान करे। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं करने पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से राशि अदा करने का प्रावधान किया गया था।

सड़क दुर्घटना में हुई थी माता-पिता की मौत

परिवाद संख्या 231/2024 में नाबालिग निश्चल तोतला और अद्वेत तोतला की ओर से उनके संरक्षक भगवान प्रसाद तोतला ने वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश पारीक और अधिवक्ता सुमित पारीक के माध्यम से परिवाद दायर किया था।

परिवाद के अनुसार बच्चों के पिता नितेश तोतला और उनकी पत्नी की 11 नवंबर 2021 को हरिद्वार के मंगलौर क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। मृतक दंपती ने बजाज अलायंज से संयुक्त जीवन बीमा पॉलिसी ली हुई थी। माता-पिता की मृत्यु के बाद परिजनों की ओर से बीमा क्लेम प्रस्तुत किया गया।

बीमा कंपनी ने 27 फरवरी 2023 को क्लेम यह कहते हुए खारिज कर दिया कि बीमित नितेश तोतला पॉलिसी लेने से पहले ‘हाइपरप्रोलैक्टिनेमिया’ नामक बीमारी से ग्रसित थे और उन्होंने बीमारी की जानकारी बीमा कंपनी से छिपाई थी।

बीमारी के संबंध में ठोस साक्ष्य नहीं दे सकी कंपनी

परिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुमित पारीक, रोहित शर्मा, किंशुक पारीक और नंदिनी विजय ने आयोग के समक्ष पैरवी करते हुए तर्क दिया कि बीमा कंपनी पूर्व बीमारी के आरोप को साबित करने के लिए कोई ठोस साक्ष्य अथवा जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सकी।

आयोग ने मामले में बीमा कंपनी की कार्यप्रणाली पर भी टिप्पणी की। निर्णय के अनुसार कंपनी ने क्लेम राशि पर 61,131 रुपए टीडीएस की कटौती की थी, लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। आयोग ने इसे सेवादोष और अनैतिक व्यापारिक व्यवहार की श्रेणी में माना।

30 जुलाई 2026 को सुनाया था फैसला

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, बूंदी के अध्यक्ष रविन्द्र कुमार और सदस्य रमाकान्त दीक्षित की पीठ ने 30 जुलाई 2026 को मामले में निर्णय सुनाया।

आयोग ने बीमा कंपनी को दो माह के भीतर परिवादियों को अवार्ड राशि परिवाद दायर करने की तारीख से 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया। दो माह की अवधि में भुगतान नहीं करने पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा आयोग ने परिवादियों को मानसिक संताप के लिए 25 हजार रुपए तथा परिवाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपए अदा करने का भी आदेश दिया।

आदेश की पालना में सौंपा 1.68 करोड़ का डीडी

आयोग के आदेश की पालना में विपक्षी बीमा कंपनी की ओर से अधिवक्ता अजय नुवाल ने एक करोड़ 68 लाख 32 हजार 532 रुपए का डीडी आयोग में प्रस्तुत किया। यह डीडी परिवादी पक्ष के अधिवक्ता को सौंपा गया। परिवादी पक्ष के अधिवक्ता ने अपने अधिकार सुरक्षित रखते हुए डीडी प्राप्त किया।

इस दौरान अधिवक्ता कुणाल शर्मा और वसीम बानो भी उपस्थित रहे।

मामले में परिवादी पक्ष ने इसे बीमा उपभोक्ताओं के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय बताया है। उनका कहना है कि फैसला उन मामलों के लिए भी मार्गदर्शक हो सकता है, जिनमें बीमा कंपनियों द्वारा पर्याप्त आधार या ठोस साक्ष्य के बिना बीमा दावों को खारिज किए जाने पर उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया जाता है।

ADVERTISEMENT
लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

comment पाठकों की प्रतिक्रिया (Comments)

अपनी राय दर्ज करें: