नागरिक अभिव्यक्ति | बूंदी छावनी बोरदा गांव की दीपा कंवर ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह बनाई। अब वे बैंकिंग सखी के रूप में गांव की महिलाओं को बैंक और ऋण संबंधी कामों में मदद कर रही हैं।
बूंदी ब्लॉक की रिहाणा पंचायत में राजीविका की सीआरपी टीम ने जब स्वयं सहायता समूह बनाया, तब दीपा भी उससे जुड़ीं। उनकी नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें समूह का अध्यक्ष चुना गया। उन्होंने बुक कीपर की जिम्मेदारी भी संभाली।
दीपा ने समूह के टी-2 फंड से एक लाख रुपए का ऋण लेकर भैंस खरीदी। पशुपालन से मिली आमदनी और अनुभव के बाद उन्होंने एक लाख रुपए का दूसरा ऋण लिया और गांव में कपड़े की दुकान शुरू की। इससे परिवार की आय बढ़ाने में मदद मिली।
वर्ष 2025 में दीपा ने कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन के रूप में काम करते हुए दूसरी महिलाओं को आजीविका के अवसरों से जोड़ने में सहयोग किया। अब 2026 में वे राजस्थान ग्रामीण बैंक से जुड़कर बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट यानी बैंक मित्र के रूप में सेवाएं दे रही हैं। गांव में ही बैंकिंग सुविधा मिलने से महिलाओं को बैंक और ऋण संबंधी कामों के लिए बाहर जाने की जरूरत कम हुई है।
