बूंदी। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) की ओर से ब्रिक्स सतत जीवनशैली सप्ताह के तहत मंगलवार को महात्मा गांधी राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, देवपुरा में जल संरक्षण एवं जल अंकेक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पानी की बर्बादी रोकने, जल संसाधनों का उचित उपयोग करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी निभाने की जानकारी दी गई।
अधिशाषी अभियंता दीप्ति पाटनी के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में कैप आरयूआईडीपी के सचिन मुदगल ने ब्रिक्स सतत जीवनशैली सप्ताह के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जल जीवन का आधार है और वर्तमान परिस्थितियों में इसका संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को जल अंकेक्षण की प्रक्रिया समझाते हुए विद्यालय में पानी की खपत का आकलन करने, पेयजल नलों और शौचालयों में लीकेज की पहचान करने तथा अनावश्यक जल व्यय को रोकने के उपाय बताए।
उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और औद्योगीकरण के कारण स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। ऐसे में घरों और विद्यालयों में पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करना आवश्यक है। विद्यार्थियों को स्वयं जल संरक्षण के उपाय अपनाने और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने की बात कही गई।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक राधेश्याम मीना ने विद्यार्थियों को जल के महत्व की जानकारी देते हुए पानी की बर्बादी रोकने का आह्वान किया। वहीं, सोशल सेफगार्ड नरेश महावर ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को पर्यावरण बचाने की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम में एसओटी की बबीता जांघिड तथा विद्यालय परिवार की रानू श्रृंगी, रेखा और नीलिमा सहित अन्य सदस्यों ने सहभागिता निभाई। अंत में विद्यार्थियों ने जल संरक्षण और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
