बूंदी। निर्दलीय पार्षद देवराज गोचर ने गुरुवार को कांग्रेस में वापसी के साथ ही बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा पर टिकट वितरण को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक ने पुत्रमोह में निष्ठावान और योग्य कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की, जिसके कारण नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस 60 में से केवल 20 वार्डों में जीत सकी।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष और एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रह चुके गोचर ने टिकट कटने के बावजूद पार्टी में लौटने के सवाल पर कहा, ‘मेरा टिकट कांग्रेस पार्टी ने नहीं, हरिमोहन शर्मा ने काटा। हरिमोहन शर्मा ही कांग्रेस नहीं हैं, पार्टी का स्वरूप बहुत व्यापक है।’ उन्होंने राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व की प्रशंसा की।
सत्येश शर्मा की भूमिका पर उठाए सवाल
गोचर ने विधायक के बेटे सत्येश शर्मा की चुनाव संयोजक के रूप में भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि न प्रदेश कांग्रेस कमेटी और न ही जिला कांग्रेस ने सत्येश को चुनाव संयोजक नियुक्त किया था। इसके बावजूद उन्होंने इस भूमिका में काम किया। गोचर का आरोप है कि विधायक ने बेटे को आगे बढ़ाने के लिए टिकट वितरण में योग्य दावेदारों की अनदेखी की।
उन्होंने कहा कि संगठन के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को महत्व मिलना चाहिए। गोचर ने आरोप लगाया कि विधायक पार्टी के प्रति निष्ठा के बजाय अपने बेटे का समर्थन करने वालों को प्राथमिकता देते हैं।
पिछले चुनाव के प्रदर्शन का दिया हवाला
गोचर ने कहा कि वर्ष 2020 के निकाय चुनाव में उनके शहर कांग्रेस अध्यक्ष रहते पार्टी ने 60 में से 28 सीटें जीती थीं और मधु नुवाल सभापति बनी थीं। उन्होंने मौजूदा प्रदर्शन के लिए स्थानीय नेतृत्व की कार्यशैली को जिम्मेदार ठहराया।
इन आरोपों पर विधायक हरिमोहन शर्मा और सत्येश शर्मा का पक्ष उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है।
