नागरिक अभिव्यक्ति । बूंदी
विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने पर जोर
बूंदी, 17 अक्टूबर। विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें गतिविधियों और प्रयोगों के माध्यम से सिखाने के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), बूंदी में प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण पद्धति पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें जिले के 40 शिक्षकों ने भाग लेकर विभिन्न विषयों को प्रोजेक्ट के माध्यम से सरल, रोचक और प्रभावी तरीके से पढ़ाने के गुर सीखे।
प्रशिक्षण का आयोजन डाइट के सीएमडीई प्रभागाध्यक्ष सुमति कुमार शर्मा एवं प्रदीप शर्मा के निर्देशन में किया गया। संदर्भ व्यक्ति एसआरजी पार्थ जोशी और महावीर गुर्जर ने शिक्षकों को प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विषयवस्तु को प्रोजेक्ट और व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़कर विद्यार्थियों की सीखने में रुचि बढ़ाई जा सकती है। डाइट के वरिष्ठ व्याख्याता जेपी त्रिपाठी, आराधना गौतम और प्रदीप शर्मा सहित अन्य संदर्भ व्यक्तियों ने भी प्रशिक्षणार्थियों का मार्गदर्शन किया।
डाइट की प्राचार्य मीना चौहान ने बताया कि प्रोजेक्ट विधि से शिक्षण करने पर विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, रचनात्मकता, जिज्ञासा और समस्या समाधान की क्षमता विकसित होगी। इस पद्धति से बच्चों में मिलकर काम करने और अपने अनुभवों के आधार पर सीखने की प्रवृत्ति को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रशिक्षण में मनोज जैन, प्रतीक शर्मा, पुष्पेंद्र, विनीता शर्मा, कनिका हाड़ा, खुशवंत सिंह, अंकुश चंदेल और गिर्राज सामरिया सहित जिले के 40 संभागियों ने भाग लिया।
