नागरिक अभिव्यक्ति । बूंदी
विद्यार्थियों को हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), बूंदी में आयोजित 21वीं सदी के कौशल एवं व्यावसायिक शिल्प आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुक्रवार को संपन्न हुआ। समापन सत्र में डाइट प्रधानाचार्य मीना चैहान ने कहा कि प्रत्येक बालक में प्रकृति प्रदत्त कला और कौशल होते हैं। जरूरत इन हुनरों को निखारकर व्यावसायिक रूप देने की है। हाथ का हुनर सीखने से बालक भविष्य में आजीविका के लिए आत्मनिर्भर बन सकता है।
कार्यअनुभव प्रभागाध्यक्ष जय प्रकाश त्रिपाठी एवं विवेक प्रकाश उतरेजा ने बताया कि प्रशिक्षण में बंधेज, मांडणा, रंगोली, मुखौटा निर्माण, पेपर मेशी, मिट्टी कला, बुनाई, कठपुतली निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण और वेस्ट से बेस्ट जैसी गतिविधियां सिखाई गईं। इसके साथ डिजिटल तकनीक, मार्केटिंग और ऑनलाइन उत्पाद बिक्री की जानकारी भी दी गई।
मुख्य संदर्भ व्यक्ति सैफ अली ने कला को डिजिटल तकनीक से जोड़कर रोजगार के अवसर तलाशने का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान प्रतिभागियों की बनाई हस्तशिल्प कलाकृतियों का प्रदर्शन भी किया गया। प्रशिक्षण में चित्रकला व्याख्याता सोहनलाल कुम्हार, कलाविद् रेहाना सहित 31 संभागियों ने भाग लिया।
