बूंदी, 6 अक्टूबर। नागरिक अभिव्यक्ति। जिला चिकित्सालय बूंदी में मरीजों की जांच और रेफरल व्यवस्था को लेकर मंगलवार को एक बार फिर सवाल उठे। मोरड़ी पाड़ा निवासी 25 वर्षीय अल्ताफ पेट दर्द की शिकायत लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचा था। परिजनों के अनुसार जांच के बाद चिकित्सकों ने उसकी स्थिति गंभीर बताते हुए उसे कोटा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। वहीं कोटा में जांच के बाद चिकित्सकों ने उसकी स्थिति सामान्य बताई और भर्ती की आवश्यकता नहीं होने की बात कहते हुए दवाएं देकर वापस बूंदी भेज दिया।
मामले से नाराज परिजन देर शाम राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक चर्मेश शर्मा, पार्षद प्रतिनिधि इरफान इलू और पार्षद अनवर हुसैन के साथ कार्यवाहक पीएमओ डॉ. गोविंद गुप्ता के निवास पर पहुंचे और विरोध जताया। परिजनों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार पाए जाने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पेट दर्द की शिकायत पर भर्ती, फिर किया रेफर
परिजनों के अनुसार अल्ताफ मंगलवार सुबह करीब 11 बजे पेट दर्द की शिकायत लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचा था। जांच के बाद उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। कुछ देर बाद चिकित्सकों ने उसकी स्थिति गंभीर बताते हुए कोटा रेफर कर दिया। मरीज के पिता का निधन हो चुका है, ऐसे में उसकी मां मुराद बेटे की गंभीर स्थिति की बात सुनकर परेशान हो गई और एंबुलेंस से उसे लेकर कोटा पहुंची।
कोटा में जांच के बाद वापस भेजा
परिजनों का कहना है कि कोटा मेडिकल कॉलेज में अल्ताफ की दोबारा जांच की गई। वहां चिकित्सकों ने उसकी स्थिति सामान्य बताई और भर्ती की आवश्यकता नहीं होने की बात कही। इसके बाद उसे एसिडिटी और गैस की दवाएं देकर बूंदी वापस भेज दिया गया। अल्ताफ के अनुसार वह स्वयं वाहन चलाकर बूंदी लौटा और फिलहाल उसकी तबीयत ठीक है।
बीपी रीडिंग में अंतर को लेकर सवाल
मामले में बीपी की रीडिंग को लेकर भी सवाल उठे हैं। कार्यवाहक सीएमएचओ एवं पीएमओ डॉ. गोविंद गुप्ता ने बताया कि शिकायत मिलने पर उन्होंने संबंधित चिकित्सक से जानकारी ली। चिकित्सक के अनुसार मरीज की बीपी रीडिंग 46 थी और उसे गंभीर स्थिति मानते हुए उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर किया गया। वहीं परिजनों के अनुसार कोटा में जांच के दौरान बीपी की रीडिंग 59 बताई गई।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि बूंदी में 46 और कोटा में 59 की रीडिंग कैसे आई, इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
चर्मेश शर्मा ने सौंपा ज्ञापन
राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक एवं कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने परिजनों के साथ पीएमओ को लिखित शिकायत और संबंधित दस्तावेज सौंपे। शर्मा ने आरोप लगाया कि मरीज सामान्य था, इसके बावजूद उसे कोटा रेफर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय में मरीज उपचार की उम्मीद लेकर आते हैं, इसलिए चिकित्सकों को अनावश्यक रेफरल से बचते हुए अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
शर्मा ने अस्पताल में संचालित निजी जांच प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं और पूरे मामले की गंभीरता से जांच आवश्यक है।
मरीज बोला- कोटा में दवा देकर वापस भेज दिया
अल्ताफ ने बताया कि उसे पेट में दर्द था और वह चिकित्सक को दिखाने बूंदी अस्पताल पहुंचा था। चिकित्सक ने उसे कोटा रेफर कर दिया। उसके अनुसार कोटा में जांच के बाद चिकित्सकों ने कोई गंभीर बीमारी नहीं होने की बात कही और एसिडिटी व गैस की दवा देकर वापस भेज दिया। अल्ताफ ने कहा कि वह स्वयं वाहन चलाकर बूंदी आया और अब वह स्वस्थ है।
उसने मांग की कि उसे गंभीर बताकर रेफर करने वाले चिकित्सक के निर्णय की जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रेफरल आवश्यक था या नहीं।
जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
अस्पताल प्रशासन ने बूंदी और कोटा में दर्ज स्वास्थ्य संबंधी रीडिंग में अंतर की जांच कराने का आश्वासन दिया है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों जगह दर्ज रीडिंग में अंतर का कारण क्या था और मरीज को कोटा रेफर करने का चिकित्सकीय आधार क्या था।
बीपी रीडिंग का संदर्भ स्पष्ट करेंदोहराए गए हिस्से संक्षिप्त करेंआरोपों को और संतुलित भाषा में रखें
