ADVERTISEMENT
ब्रेकिंग न्यूज़
• हाड़ौती अंचल: कोटा में नए रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट के लिए 120 करोड़ का अतिरिक्त बजट स्वीकृत • चुनाव आयोग ने आगामी निकाय चुनाव हेतु वोटर लिस्ट अपडेशन की समय सीमा बढ़ाई • राजस्थान बोर्ड परीक्षा 2026 की समय सारिणी घोषित, शिक्षा विभाग की बड़ी तैयारी • टी20 वर्ल्ड कप: भारतीय टीम ने दूसरे मुकाबले में भी दर्ज की धमाकेदार जीत
नागरिक अभिव्यक्ति
होम / खास खबर / लेख विस्तार
खास खबर

दीपावली पर रात 8 से 10 बजे तक ही चला सकेंगे ग्रीन पटाखे, बूंदी में सख्ती की तैयारी

प्रत्येक पटाखा बॉक्स पर नीरी का क्यूआर कोड अनिवार्य, अस्पतालों और स्कूलों के 100 मीटर दायरे में प्रतिबंध

संवाददाता
विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
अक्षर आकार:
दीपावली पर रात 8 से 10 बजे तक ही चला सकेंगे ग्रीन पटाखे, बूंदी में सख्ती की तैयारी
दीपावली पर रात 8 से 10 बजे तक ही चला सकेंगे ग्रीन पटाखे, बूंदी में सख्ती की तैयारी
ADVERTISEMENT
खबर शेयर करें:

नागरिक अभिव्यक्ति । बूंदी

दीपावली पर पटाखे चलाने और बेचने को लेकर प्रशासन ने नियम तय कर दिए हैं। दीपावली पर्व-2026 पर रात 8 से 10 बजे तक ही ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति होगी। वहीं, पटाखों की बिक्री के लिए अस्थायी अनुज्ञापत्र लेने के इच्छुक व्यापारियों को 23 अक्टूबर शाम 5 बजे तक उपखंड अधिकारी कार्यालय में आवेदन जमा कराने होंगे।

उपखंड मजिस्ट्रेट लक्ष्मीकांत मीणा ने बताया कि आवेदन के साथ साइट प्लान व ड्राइंग की दो प्रतियां, प्रस्तावित स्थल के ब्लूप्रिंट की चार प्रतियां, तीन नवीनतम फोटो तथा पहचान और स्थल के स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां लगानी होंगी। यह प्रक्रिया विस्फोटक नियम-2008 और संशोधित नियम-2019 के तहत पूरी की जाएगी।

प्रशासन के अनुसार गुरुपर्व और अन्य निर्धारित त्योहारों पर भी रात 8 से 10 बजे तक ग्रीन पटाखे चलाए जा सकेंगे। छठ पर्व पर सुबह 6 से 8 बजे तथा क्रिसमस और नए साल पर रात 11:55 से 12:30 बजे तक आतिशबाजी की छूट रहेगी। खराब या उससे नीचे की वायु गुणवत्ता श्रेणी दर्ज होने पर संबंधित दिन आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। अस्पताल, स्कूल, न्यायालय और धार्मिक स्थलों जैसे शांत क्षेत्रों के 100 मीटर के दायरे में भी पटाखे चलाने पर रोक होगी।

प्रत्येक पटाखा बॉक्स पर नीरी की ओर से जारी क्यूआर कोड अनिवार्य होगा। अस्थायी लाइसेंस के लिए केवल ग्रीन पटाखे बेचने का शपथ पत्र भी देना होगा। सुरक्षा के लिए पटाखा बिक्री स्थलों पर कम से कम दो दमकल वाहन तैयार रखने तथा एम्बुलेंस और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को नियमों की सख्ती से पालना कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

ADVERTISEMENT
लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

comment पाठकों की प्रतिक्रिया (Comments)

अपनी राय दर्ज करें: