नागरिक अभिव्यक्ति । बूंदी
दीपावली पर्व पर पटाखों की बिक्री और उपयोग को लेकर बूंदी जिला प्रशासन ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट हरफूल सिंह यादव के आदेशानुसार जिले में केवल ग्रीन आतिशबाजी की बिक्री और उपयोग की अनुमति रहेगी। ग्रीन पटाखों की पहचान के लिए प्रत्येक बॉक्स पर राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) की ओर से जारी क्यूआर कोड होना अनिवार्य होगा।
आदेश के अनुसार दीपावली, गुरुपर्व और अन्य त्योहारों पर रात 8 से 10 बजे तक पटाखे चलाए जा सकेंगे। छठ पर्व पर सुबह 6 से 8 बजे तक तथा क्रिसमस और नववर्ष पर रात 11:55 बजे से रात 12:30 बजे तक आतिशबाजी की अनुमति निर्धारित की गई है। पर्यावरण सुरक्षा के मद्देनजर जिस दिन शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब या उससे नीचे के स्तर पर होगा, उस दिन आतिशबाजी पर पूरी तरह रोक रहेगी। अस्पतालों, नर्सिंग होम, शिक्षण संस्थानों, न्यायालयों और धार्मिक स्थलों जैसे शांत क्षेत्रों के 100 मीटर के दायरे में पटाखे चलाने की अनुमति नहीं होगी।
जांच के बाद ही जारी होंगे अस्थायी लाइसेंस
पटाखों की अस्थायी दुकानों के लिए बूंदी, हिंडोली, केशवरायपाटन, तालेड़ा, नैनवां और लाखेरी के संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट कार्यालयों में आवेदन करना होगा। व्यापार स्थल का निरीक्षण करने के बाद ही नियमानुसार लाइसेंस जारी किए जाएंगे। दुकानें अज्वलनशील सामग्री से बनाई जानी चाहिए और उनका क्षेत्रफल 9 से 25 वर्ग मीटर के बीच होना चाहिए। दो दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी रखना अनिवार्य होगा। एक समूह में अधिकतम 50 दुकानें ही लगाई जा सकेंगी।
दुकानों पर अग्निशमन व्यवस्था जरूरी
आदेश में दुकानों के समूह के पास प्राथमिक चिकित्सा, एंबुलेंस और कम से कम दो दमकल वाहनों की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। प्रमुख स्थानों पर स्थानीय भाषा में ‘विस्फोटक या खतरनाक पदार्थ’ संबंधी चेतावनी बोर्ड लगाना होगा। प्रत्येक दुकान पर रेत या मिट्टी से भरी कम से कम चार बाल्टियां और अग्निशमन यंत्र रखना जरूरी होगा।
दुकानदारों को दीपावली से सात दिन पहले से लेकर लाइसेंस की अवधि समाप्त होने तक प्रतिदिन खरीदे गए सामान और स्टॉक की जानकारी संबंधित थानाधिकारी को देनी होगी। लाइसेंस की अवधि समाप्त होने से पहले बचा हुआ माल भी नियमानुसार निस्तारित करना होगा। जिला प्रशासन ने निर्धारित दिशा-निर्देशों के पालन पर जोर दिया है।
