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दीपावली पर मिट्टी के दीपक और सजावटी सामान बेचने पर नहीं लगेगा शुल्क

बूंदी जिला प्रशासन की पहल, कुम्हारों और माटी कलाकारों को मुख्य बाजारों में मिलेगी उचित जगह

संवाददाता
विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
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दीपावली पर मिट्टी के दीपक और सजावटी सामान बेचने पर नहीं लगेगा शुल्क
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बूंदी, 13 अक्टूबर | नागरिक अभिव्यक्ति। दीपावली पर ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान को बढ़ावा देने और कुम्हारों व माटी कलाकारों को राहत देने के लिए बूंदी जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। दीपावली के अवसर पर मिट्टी के दीपक और मिट्टी से बने सजावटी सामान बेचने वाले कुम्हारों एवं माटी कलाकारों से निर्धारित बिक्री स्थलों पर किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं वसूला जाएगा।

अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) रमेश देव ने बताया कि दीपावली के दौरान मिट्टी के दीपक और सजावटी उत्पाद बेचने वाले कुम्हारों तथा माटी कलाकारों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई है। इससे स्थानीय पारंपरिक कारीगरों को अपने उत्पाद बेचने और आमजन तक पहुंच बनाने में सुविधा मिलेगी।

मुख्य बाजारों में उपलब्ध कराई जाएगी जगह

रमेश देव ने बताया कि इस संबंध में नगर परिषद आयुक्त, सभी नगरपालिकाओं के अधिशासी अधिकारियों और विकास अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों के अनुसार, बिक्री के लिए अपने उत्पाद लेकर आने वाले कुम्हारों और माटी कलाकारों को नगरीय निकायों तथा ग्राम पंचायत क्षेत्रों के मुख्य बाजारों में उचित स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।

स्वदेशी उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा

जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करना और दीपावली पर मिट्टी से बने पारंपरिक उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देना है। इससे कुम्हारों और माटी कलाकारों को अपने उत्पाद बेचने के अधिक अवसर मिलेंगे, वहीं आमजन भी स्थानीय कारीगरों के बनाए मिट्टी के दीपक और सजावटी सामान खरीदकर ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान को मजबूती दे सकेंगे।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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