बूंदी, 17 सितंबर। जिले में अनुदानित उर्वरक के वितरण को पारदर्शी, सुव्यवस्थित और किसानों के लिए सुगम बनाने के उद्देश्य से लागू की गई फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल्स (एफएफएस) व्यवस्था के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। एफएफएस प्रणाली लागू होने के बाद अब तक जिले में 52,293 किसानों को 10,117.68 मीट्रिक टन उर्वरक वितरित किया जा चुका है।
ऑनलाइन बुकिंग से मिल रहा उर्वरक
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि एफएफएस व्यवस्था के माध्यम से किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बुकिंग के बाद किसान को प्राप्त टोकन या क्यूआर कोड के माध्यम से निर्धारित अधिकृत विक्रेता से उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस व्यवस्था से उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बढ़ने के साथ ही उपलब्ध स्टॉक की निगरानी भी प्रभावी तरीके से की जा रही है। कृषि विभाग की ओर से उर्वरक की उपलब्धता, स्टॉक और वितरण प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जा रही है।
नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई
एफएफएस व्यवस्था की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने वाले उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ कृषि विभाग ने कार्रवाई की है। संयुक्त निदेशक ने बताया कि एफसीओ-1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत नियमों का पालन नहीं करने पर 13 उर्वरक खुदरा विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। वहीं 23 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
विभाग ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को एफएफएस व्यवस्था के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने तथा किसानों को नियमानुसार उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
185 ग्राम पंचायतों में जागरूकता अभियान
किसानों को एफएफएस प्रणाली की जानकारी देने और ऑनलाइन बुकिंग से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के उद्देश्य से जिले की 185 ग्राम पंचायतों में 14 सितंबर से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान के दौरान किसानों को एफएफएस एप डाउनलोड करने, लॉगिन करने, भूमि एवं फसल का विवरण दर्ज करने, आवश्यक उर्वरक का चयन करने तथा ऑनलाइन बुकिंग के बाद प्राप्त टोकन या क्यूआर कोड के माध्यम से उर्वरक प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई जा रही है।
172 जागरूकता कार्यक्रम, 8,116 किसान शामिल
कृषि विभाग के अनुसार अब तक 172 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 8,116 किसानों ने भाग लिया। विभागीय कर्मचारी किसानों को एफएफएस प्रणाली के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी देने के साथ उनकी समस्याओं और जिज्ञासाओं का समाधान भी कर रहे हैं।
कृषि विभाग के अनुसार एफएफएस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को उर्वरक की उपलब्धता और वितरण प्रक्रिया से डिजिटल रूप से जोड़ना तथा अनुदानित उर्वरक वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
