बूंदी, 6 अक्टूबर। पंचायतीराज आम चुनावों के मद्देनजर ऐतिहासिक बूंदी महोत्सव की तिथियों में बदलाव किया गया है। अब इस भव्य महोत्सव का आयोजन 5 से 7 दिसंबर तक किया जाएगा। महोत्सव को भव्य व आकर्षक स्वरूप प्रदान करने के लिए मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि महोत्सव को यादगार बनाने के लिए प्राप्त सुझावों पर अमल शुरू कर दिया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि महोत्सव के तहत आयोजित मुख्य कार्यक्रम राजस्थानी लोक संगीत और पारंपरिक संस्कृति से ओतप्रोत हों।
जिला कलक्टर ने गढ़ गणेश पूजा-अर्चना और शोभायात्रा को निर्धारित समय पर सुव्यवस्थित तरीके से शुरू करने के निर्देश दिए। सुखमहल में आयोजित होने वाले 'मान मनुहार' कार्यक्रम में विदेशी सैलानियों की सुविधा के लिए अंग्रेजी एंकर की व्यवस्था रहे। इसके लिए स्कूली छात्र-छात्राओं के बीच प्रतियोगिता आयोजित कर एंकर का चयन किया जाएगा। आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर 'पीले चावल' और कार्यक्रम की रूपरेखा वाले पत्र बांटकर लोगों को आमंत्रित किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि महोत्सव के पोस्टर और लॉगो को आकर्षक स्वरूप प्रदान करने के लिए फोटोग्राफर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और आमजन से ऑनलाइन प्रविष्टियां आमंत्रित की जाएं। सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टि का चयन कमेटी के माध्यम से हो। साथ ही पोस्टर का विमोचन शहर के ऐतिहासिक स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित कर किया जावे। उद्योग एवं हस्तशिल्प मेले के लिए उपयुक्त स्थान का चयन किया जावे।
बैठक में नगर परिषद सभापति भरत शर्मा ने महोत्सव को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने का भरोसा दिलाया। इसमें आमजन भी अपना पूर्ण सहयोग दें। पूर्व राजपरिवार सदस्य वंश वर्धन सिंह ने भी महोत्सव को लेकर अपने सुझाव रखे। बैठक में एडीएम एच.डी. सिंह, एडीएम (सीलिंग) रमेश देव, पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक शरद व्यास, नगर परिषद आयुक्त ब्रजेश राय, इंटेक संयोजक राजकुमार दाधीच, पुरातत्वविद ओम प्रकाश कुक्की, नारायण मंडोवरा, होटल व्यवसायी प्रदीप चांदवानी, जे.पी. शर्मा, आलोक दाधीच, अरिहंत सिंह चरडास, राजेंद्र भारद्वाज और पुरुषोत्तम लाल पारीक समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
