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त्योहारों पर मिलावट का डर, बूंदी में विशेष जांच अभियान की मांग

मिठाई से मसालों तक गुणवत्ता जांचने की उठाई मांग; आम आदमी पार्टी ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, जांच परिणाम और कार्रवाई सार्वजनिक करने पर दिया जोर

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त्योहारों पर मिलावट का डर, बूंदी में विशेष जांच अभियान की मांग
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नागरिक अभिव्यक्ति । बूंदी

त्योहारी सीजन में मिठाइयों और दूसरे खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका को लेकर बूंदी में विशेष जांच अभियान चलाने की मांग उठी है। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शहर अध्यक्ष रोहन खोसला की अगुवाई में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मिठाइयों, मावे, दूध, पनीर, घी, खाद्य तेल और मसालों सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों की जांच कराने की मांग की। पार्टी ने मिलावट पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और जांच के नतीजे सार्वजनिक करने का आग्रह किया।

रोहन खोसला ने कहा कि त्योहारों के दौरान मिठाइयों, मावे, दूध, पनीर, घी, खाद्य तेल, मसालों, नमकीन, ड्राई फ्रूट्स और अन्य खाद्य वस्तुओं की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और मिलावट पर प्रभावी अंकुश लगाना जरूरी है, ताकि आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा की जा सके।

ज्ञापन में मिठाई की दुकानों से मावा, दूध, पनीर, घी और तैयार मिठाइयों के नमूने लेने की मांग की गई। साथ ही सिंथेटिक या मिलावटी मावे की बिक्री पर विशेष निगरानी रखने तथा खाद्य तेल, घी, मिर्च, हल्दी, धनिया और अन्य मसालों की गुणवत्ता जांचने पर जोर दिया गया।

नमूनों की जांच से लेकर कार्रवाई तक की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग

आप कार्यकर्ताओं ने नमकीन, बेकरी उत्पादों और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता की जांच कराने की मांग भी रखी। मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले कृत्रिम रंगों की पड़ताल करने के साथ पैक्ड खाद्य सामग्री पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी), वजन, निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम अवधि संबंधी विवरण की जांच करने का आग्रह किया गया।

ज्ञापन में खाद्य प्रतिष्ठानों में सुरक्षित भंडारण और साफ-सफाई की स्थिति की जांच, नियमित निरीक्षण के साथ आकस्मिक जांच तथा खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर अधिकृत प्रयोगशालाओं में परीक्षण कराने की मांग की गई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

इसके अलावा आम नागरिकों को मिलावट से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था के बारे में व्यापक जानकारी देने तथा शिकायतों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अभियान के तहत लिए गए नमूनों, प्रयोगशाला जांच के परिणामों और की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि खाद्य सुरक्षा संबंधी कार्रवाई में पारदर्शिता बनी रहे।

इस दौरान भवानीशंकर, एडवोकेट ओमप्रकाश, देवराज जांगिड़, दिनेश गोस्वामी, रुखसाना, परवीन, बृजपाल बाथम, सुदीप सक्सेना, प्रिया गुर्जर, भूमिक ट्रेलर, सौम्या, करीम, विपुल शर्मा, काजल शर्मा, दीपक सैनी और सृष्टि बिरला सहित आम आदमी पार्टी के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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