बूंदी। नवरात्र और आगामी दीपावली पर्व के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा दल ने इंद्रगढ़ स्थित प्रसिद्ध बीजासन माता मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के विधिक नमूने लेकर जांच के लिए भेजने की कार्रवाई की गई।
यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देशन तथा अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. सामर के नेतृत्व में की गई। टीम ने मंदिर परिसर और आसपास की दुकानों पर उपलब्ध प्रसाद, मिठाई, नमकीन, खाद्य तेल, मावा सहित अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच की। एकत्रित नमूनों को जांच के लिए राज्य केंद्रीय जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता के निर्देश
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा दल ने दुकानदारों और खाद्य कारोबारियों को मिठाइयों एवं प्रसाद के निर्माण में शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण दूध, मावा, घी तथा तेल का उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही बासी या मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री नहीं करने की हिदायत दी गई।
अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य सामग्री को मक्खी-मच्छरों और धूल से बचाने के लिए ढककर रखने तथा खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले कारीगरों और विक्रेताओं को एप्रन एवं ग्लव्स का उपयोग करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सभी खाद्य कारोबारियों को अपने प्रतिष्ठानों पर वैध फूड लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के लिए कहा गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी नमूने में मिलावट या खाद्य गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है, तो संबंधित विक्रेता या निर्माता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, नवरात्र और दीपावली के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने को देखते हुए निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं और आमजन को सुरक्षित, शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाना तथा मिलावट पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
