बूंदी। राजकीय कन्या महाविद्यालय में बुधवार को नई किरण नशा मुक्ति इकाई के तत्वावधान में नशा मुक्ति एवं नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वक्ता राजकीय सामान्य चिकित्सालय बूंदी के मनोचिकित्सक मोहम्मद जावेद ने पीपीटी के माध्यम से छात्राओं को विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत कई बार जिज्ञासा, तनाव, साथियों के दबाव या गलत संगति के कारण हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे यह व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और सामाजिक जीवन को प्रभावित कर सकती है।
मनोचिकित्सक डॉ. मोहम्मद अनीस रंगरेज ने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए तनाव की स्थिति में परिवार, मित्रों, शिक्षकों या विशेषज्ञों से संवाद करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।
वक्ताओं ने छात्राओं को नशे की आदत से बचाव और उससे बाहर निकलने के लिए उपलब्ध चिकित्सकीय एवं परामर्श सेवाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने छात्राओं के सवालों के जवाब देते हुए नशे से होने वाले शारीरिक और मानसिक प्रभावों को समझाया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संदीप यादव ने कहा कि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से बचाने के लिए जागरूकता जरूरी है। ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना और नशे के दुष्परिणामों के प्रति सजग बनाना है।
नई किरण नशा मुक्ति इकाई के प्रभारी डॉ. विनोद कुमार मीणा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए नशा मुक्ति के क्षेत्र में इकाई की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन डॉ. बीरम देव ने किया।
इस अवसर पर भानु शर्मा सहित महाविद्यालय के सभी संकाय सदस्य मौजूद रहे।
