नागरिक अभिव्यक्ति । बूंदी
बूंदी। राजकीय सामान्य चिकित्सालय बूंदी की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर रविवार को उपखंड अधिकारी लक्ष्मीकांत मीणा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें अस्पताल की साफ-सफाई, मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा एवं नर्सिंग सेवाओं, वार्डों और आपातकालीन व्यवस्था की समीक्षा की गई। जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव ने अस्पताल में सामने आई लापरवाही के मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि मरीजों की चिकित्सा सुविधाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में राजकीय चिकित्सालय की प्रबंधन संबंधी संपूर्ण जिम्मेदारी मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सौंपने के लिए राजमेस से जुड़ी आवश्यक कार्रवाई जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए। दवाइयों की उपलब्धता को लेकर आने वाली शिकायतों के तत्काल निस्तारण के लिए एक अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया। यह अधिकारी शिकायत मिलते ही प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
जांच समिति की सुधारात्मक अनुशंसाओं की बिंदुवार समीक्षा
चिकित्सा विभाग की ओर से गठित जांच समिति की सुधारात्मक अनुशंसाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। एमआईसीयू और आपातकालीन कक्ष में जीवनरक्षक दवाइयों तथा क्रैश कार्ट की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। फिजीशियन की ऑन कॉल ड्यूटी के बजाय 24 घंटे ऑनफ्लोर ड्यूटी शुरू करने को कहा गया। आपातकालीन विभाग में मेडिसिन से संबंधित गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू जैसी सुविधाओं वाले दो बेड उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए।
गंभीर मरीजों को पोर्टेबल ऑक्सीजन के साथ शिफ्ट करें
बैठक में गंभीर मरीजों के वार्ड स्थानांतरण के दौरान वार्डबॉय के साथ पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध रखने को कहा गया। आपातकालीन विभाग में मरीजों का उपचार निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार करने और गंभीर मरीज की सूचना ऑन ड्यूटी चिकित्सक, यूनिट हेड तथा विभागाध्यक्ष को तत्काल देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सीसीटीवी की खामियां भी दूर होंगी
अस्पताल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी प्रणाली के टाइम स्टाम्प और दुरुस्तीकरण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया। खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए। आपातकालीन विभाग में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त संख्या में गार्ड तैनात करने तथा आईसीयू की बेड क्षमता बढ़ाने की कार्रवाई करने को कहा गया।
रोजाना होगी अस्पताल की औचक जांच
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति अस्पताल के विभिन्न वार्डों, ओपीडी, आपातकालीन इकाई, नर्सिंग स्टेशन, शौचालयों और परिसर की साफ-सफाई का रोजाना औचक निरीक्षण करेगी। मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं की भी नियमित जांच की जाएगी।
लापरवाही साबित हुई तो होगी कड़ी कार्रवाई
राजकीय चिकित्सालय बूंदी में पिछले दिनों सामने आई लापरवाही को जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव ने गंभीरता से लिया है। जिला कलक्टर की अनुशंसा पर संभागीय आयुक्त के निर्देश से मेडिकल कॉलेज कोटा द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही साबित होने पर संबंधित कार्मिक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। समिति की अंतरिम रिपोर्ट मिलने के बाद भी दोषी कार्मिकों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में तहसीलदार बूंदी जतिन दिनकर, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मीनारायण मीणा, मेडिकल कॉलेज प्रधानाचार्य डॉ. राहुल चंदेल, उप नियंत्रक सुरेश अग्रवाल सहित चिकित्सा विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
