बूंदी। कोटा खुर्द निवासी हरिओम की वर्ष 2022 में हुई हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय क्रम संख्या-2, बूंदी ने गुरुवार को चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने प्रत्येक पर 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।
लोक अभियोजक भूपेंद्र सक्सेना ने बताया कि न्यायालय ने गणेशपुरा निवासी जुगलकिशोर पुत्र मोतीलाल, खेड़लादेवजी निवासी नवल कुमार पुत्र रामलाल, चहिचा निवासी गोलू कुमार पुत्र महावीर और कोटा खुर्द निवासी राकेश पुत्र जटाशंकर को दोषी करार दिया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 23 गवाह और 83 दस्तावेज पेश किए।
माखीदा तिराहे पर किया था हमला
सक्सेना के अनुसार, 31 दिसंबर 2022 को कोटा खुर्द निवासी जमनाशंकर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दूध डेयरी की गाड़ी चलाने वाले उनके पुत्र हरिओम पर माखीदा तिराहे पर हथियारों से लैस चार-पांच लोगों ने हमला किया। हमलावरों ने ताबड़तोड़ मारपीट कर उसकी हत्या कर दी। गेण्डोली थाना पुलिस ने जांच के बाद न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया था।
राकेश को आर्म्स एक्ट में भी सजा
न्यायालय ने चारों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपए अर्थदंड तथा धारा 120बी में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। राकेश को आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 में एक वर्ष की सजा और एक हजार रुपए अर्थदंड से भी दंडित किया गया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
राकेश गिरफ्तारी के बाद से न्यायिक अभिरक्षा में था। फैसले के बाद शेष तीनों दोषियों को भी अभिरक्षा में लेकर सजा वारंट के साथ कारागृह भेज दिया गया।
