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अशोक गुप्ता के बाद संविदाकर्मी आरिज की मौत से फिर उठे सवाल

बूंदी की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की मांग तेज, संयुक्त व्यापार महासंघ ने सौंपा 12 सूत्रीय ज्ञापन

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विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
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अशोक गुप्ता के बाद संविदाकर्मी आरिज की मौत से फिर उठे सवाल
अशोक गुप्ता के बाद संविदाकर्मी आरिज की मौत से फिर उठे सवाल
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बूंदी | नागरिक अभिव्यक्ति। जिला चिकित्सालय की चिकित्सा व्यवस्थाओं में सुधार और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर संयुक्त व्यापार महासंघ ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। महासंघ ने प्रशासन से सात दिन के भीतर मांगों पर कार्रवाई कर लिखित जवाब देने की मांग की है।

आरिज की मौत के बाद फिर उठे सवाल

महासंघ ने कहा कि दिवंगत व्यापारी अशोक गुप्ता के प्रकरण के बाद अब संविदाकर्मी आरिज की हृदयाघात से मौत की घटना ने जिला चिकित्सालय में हृदय रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाचार पत्रों में प्रकाशित घटनाक्रम के अनुसार, आरिज को उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा के लिए कोटा रेफर किया गया था। महासंघ ने संबंधित घटनाओं की निष्पक्ष समीक्षा करने और चिकित्सा व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने की मांग की।

12 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा

महासंघ ने ज्ञापन में जिला चिकित्सालय में हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) की नियुक्ति, प्रसूता मृत्यु के प्रकरणों की जांच, 24 घंटे वरिष्ठ चिकित्सकों की उपलब्धता और चार अतिरिक्त सुसज्जित आपातकालीन बेड की व्यवस्था सहित 12 प्रमुख मांगें रखीं।

इसके अलावा जीवनरक्षक सुविधाएं और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने, चिकित्सकों का पारदर्शी ड्यूटी रोस्टर लागू करने, सर्पदंश के उपचार की समुचित व्यवस्था करने, RGHS योजना के तहत मरीजों को सुविधाएं सुनिश्चित करने, पार्किंग व्यवस्था में सुधार और ब्लड सेपरेशन मशीन उपलब्ध कराने की मांग की गई। चिकित्सा व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए 11 सदस्यीय समिति गठित करने का प्रस्ताव भी रखा गया।

बूंदी बंद के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर जताई चिंता

महासंघ ने कहा कि 6 अक्टूबर को बूंदी बंद के माध्यम से व्यापारियों और आमजन ने जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग उठाई थी। इसके बावजूद मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने को लेकर महासंघ ने चिंता जताई।

सात दिन का अल्टीमेटम

महासंघ ने प्रशासन से सात दिवस के भीतर मांगों पर की गई कार्रवाई का लिखित जवाब मांगा है। निर्धारित समय में संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने पर विभिन्न सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों और आमजन के सहयोग से धरना-प्रदर्शन, जनसभा और क्रमिक धरना आयोजित किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर व्यापक बाजार बंद सहित बड़े लोकतांत्रिक आंदोलन की रणनीति भी घोषित की जाएगी।

चिकित्सा व्यवस्था में सुधार के लिए संघर्ष

महासंघ ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि बूंदी की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार और आमजन के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

ये रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान महासंघ अध्यक्ष प्रेम प्रकाश एवरग्रीन, कार्यकारी अध्यक्ष पीतांबर शर्मा, सचिव प्रशांत मोदी, अभिभाषक परिषद से धीरज कुमावत, कपड़ा व्यापार संघ से अशोक अजमानी, सदर बाजार व्यापार संघ अध्यक्ष अनिल नंदवाना, मधुसूदन गुप्ता, राकेश जैन और भानु जैन सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रेस विज्ञप्ति महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष पीतांबर शर्मा की ओर से जारी की गई।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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