बूंदी, 11 अक्टूबर। बालिकाओं के अधिकारों, सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शनिवार को बूंदी में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का जिला स्तरीय आयोजन किया गया। अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा, बूंदी के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बाल विवाह रोकथाम, बालिका शिक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया। इस दौरान शिक्षा, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिले की लगभग 150 बालिकाओं और 25 शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सीमा पोद्दार मुख्य अतिथि रहीं, जबकि सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक तेज कंवर ने अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथि के रूप में नेशनल एथलीट कृष्णा, इनर व्हील क्लब की चार्टर प्रेसिडेंट रेखा शर्मा, सहायक आचार्य हेमलता टांक और अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक रामगोपाल मीणा मौजूद रहे।
बाल विवाह को बताया विकास में बाधा
मुख्य अतिथि सीमा पोद्दार ने कहा कि बाल विवाह बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के साथ उनके भविष्य के विकास में बड़ी बाधा है। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाने और बालिकाओं को शिक्षा एवं समान अवसर उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं तेज कंवर ने बालिकाओं को अपनी क्षमताओं और शक्ति को पहचानने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को अन्याय और विपरीत परिस्थितियों का सामना आत्मविश्वास एवं साहस के साथ करना चाहिए।
अभिभावक बालिकाओं से करें मित्रवत व्यवहार
इनर व्हील क्लब की चार्टर प्रेसिडेंट रेखा शर्मा ने अभिभावकों से बालिकाओं के साथ मित्रवत व्यवहार करने, उनकी भावनाओं को समझने और उनकी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने रचनात्मक गतिविधियों, कविता लेखन और सकारात्मक सोच के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षिका मोनिका लोधा ने गुड टच और बैड टच की जानकारी देते हुए सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान और विपरीत परिस्थितियों में विश्वसनीय व्यक्ति से सहायता लेने के बारे में बताया। नेशनल एथलीट कृष्णा ने अपनी सफलता की कहानी साझा कर बालिकाओं को लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रेरित किया। वहीं, एडीपीसी रामगोपाल मीणा ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए बालिका शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।
आत्मरक्षा प्रशिक्षण और किशोरी मेले का आयोजन
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में जिले के मास्टर ट्रेनर्स ने बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया। इसमें विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने, सतर्क रहने और आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए।
बालिका शिक्षा प्रभारी एवं कार्यक्रम अधिकारी लोकेश वशिष्ठ ने बताया कि कार्यक्रम के तहत आयोजित किशोरी मेले में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से चयनित उत्कृष्ट और नवाचारी प्रदर्शन प्रस्तुत किए गए। बालिकाओं की ओर से तैयार मॉडल और रचनात्मक कार्यों का अतिथियों ने अवलोकन किया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शनों का चयन किया गया।
शूटिंग में उपलब्धि हासिल करने वाली बालिकाओं का सम्मान
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली लगभग 150 बालिकाओं और 25 शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। नेशनल चैंपियनशिप शूटिंग में उपलब्धि हासिल करने वाली राजकीय स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल, हिंडोली की तीन प्रतिभावान बालिकाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों, बालिकाओं, शिक्षिकाओं और अन्य सहभागियों ने बाल विवाह के विरुद्ध शपथ ली।
सहायक परियोजना समन्वयक कनक शर्मा ने आभार व्यक्त करते हुए बालिकाओं को शिक्षित, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन बाल शिक्षा प्रभारी लोकेश वशिष्ठ और कुशलता सिंह ने किया।
